नागपुर, 20 अक्टूबर (भाषा) इजराइल के मुंबई स्थित महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने मंगलवार को भारत और इजराइल की ‘‘पहचान’’ को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ‘उग्र वामपंथी और मार्क्सवादी ताकतें’ ‘‘हमारे मूल्यों’’ को अस्थिर करने का प्रयास न करें।
उन्होंने आगाह किया कि यूरोप में जो हो रहा है, उसी तरह भारत और इजराइल को भी बाहरी ताकतें अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं। उनके अनुसार, इन दोनों देशों के मूल्य और चुनौतियाँ एक जैसी हैं।
रेवाच मंगलवार को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वार्षिक विजयादशमी कार्यक्रम में अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत में रेवाच ने कहा कि वह आरएसएस के विजयादशमी कार्यक्रम में शामिल होकर बहुत उत्साहित हैं। उन्होंने इसे अपने लिए ‘बहुत महत्वपूर्ण और अनूठा अनुभव’ बताया।
रेवाच ने कहा कि उन्होंने सोमवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ बातचीत की थी।
उन्होंने कहा, ‘हम समझते हैं कि भारत और इजराइल न केवल समान मूल्यों को साझा करते हैं, बल्कि दुर्भाग्य से दोनों के सामने एक जैसी चुनौतियां भी हैं।’
भागवत के उस भाषण का उल्लेख करते हुए रेवाच ने कहा, ‘इजराइल में हम बिल्कुल यही काम करते हैं।’ भागवत ने अपने भाषण में युवा पीढ़ी के साथ काम करने और युवाओं को भारत की जड़ों, विरासत, संस्कृति और इतिहास से जोड़ने पर जोर दिया था और साथ ही भविष्य और तकनीक को भी ध्यान में रखने की बात कही थी।
उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमें मिलकर यह देखना चाहिए कि हम इजराइल और भारत के बीच संबंधों को कैसे मजबूत कर सकते हैं- न केवल सरकारी स्तर पर, बल्कि लोगों के स्तर पर भी।’
रेवाच ने भागवत के उस भाषण का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अपनी पहचान और मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘डॉ. मोहनजी ने आज अपने भाषण में एक बहुत महत्वपूर्ण बात कही। यदि हम अपनी पहचान और मूल्यों की रक्षा नहीं करते हैं, तो हम देख सकते हैं कि यूरोप में क्या हो रहा है, जहां बाहरी ताकतें अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। ऐसा ही हम भारत और इजराइल में भी देख रहे हैं। इसलिए हमें अपनी पहचान को लगातार मजबूत करते रहना होगा, ताकि चरम वामपंथी और मार्क्सवादी ताकतें हमारे मूल्यों को अस्थिर करने की कोशिश न कर सकें।’
पश्चिम-मध्य भारत के लिए इजराइल के महावाणिज्यदूत रेवाच ने कहा कि भागवत ने कैप्टन स्मित मच्छार का भी उल्लेख किया।
मच्छार ने पिछले माह दुबई से तेल अवीव जा रही ‘फ्लाईदुबई’ की उड़ान में हुए हमले के दौरान 174 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की जान बचाई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘कैप्टन स्मिथ भारत में ही पले-बढ़े हैं, और भारत के संस्कार और नैतिक मूल्य ही उन कारणों में से एक हैं जिनकी वजह से उन्होंने इतने सारे लोगों की जान बचाई।’’
भाषा शुभम सुरेश
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