नई दिल्ली: 11ए/16, ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित फ्लैट की खिड़कियां अब खुली हैं. इमारत में फैली बदबू की जगह अब अगरबत्ती की खुशबू है. पास के मंदिर में भजन बज रहा है और कुछ मीटर दूर छात्र चाय पीते हुए अगले साल होने वाली प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स) के बारे में बात कर रहे हैं. सोमवार को पुलिस को फ्लैट के अंदर 25 साल के एक छात्र का शव मिला. उसकी मौत दो से तीन दिन पहले हो चुकी थी.
आंध्र प्रदेश के रहने वाले अल्टा भारत कुमार रेड्डी पिछले दो साल से दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे थे. रेड्डी के पिता किसान थे. पुलिस के मुताबिक, उनकी एक बड़ी बहन भी है, जिसकी शादी हो चुकी है.
UPSC की तैयारी के लिए रेड्डी जुलाई तक शहर के जाने-माने सिविल सेवा कोचिंग संस्थानों में से एक वाजीराम में क्लास लेते थे. इसके बाद उन्होंने खुद पढ़ाई करना शुरू कर दिया था. माना जा रहा है कि शव मिलने से पहले दो से तीन दिन तक फ्लैट में ही पड़ा रहा.
उसी इमारत में रहने वाले सीलम ने कहा, “पिछले दो दिनों से फ्लैट से बदबू आ रही थी, लेकिन जब बदबू तेज हो गई तो हमने मकान मालिक को बताया. उसने पुलिस को बुलाया.”
रेड्डी को एक दोस्त के जरिए जानने वाली एक छात्रा ने बताया कि वह एक रूममेट के साथ रहते थे. उनका रूममेट कुछ दिन पहले अपने घर लखनऊ लौट गया था. छात्रा ने दावा किया कि फांसी लगाने से पहले रेड्डी ने अपनी कलाई काट ली थी.
छात्रा ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “जब उनके शव को बाहर निकाला गया, तब वह सड़ चुका था और पूरी तरह काला पड़ गया था. उनका कोई दोस्त नहीं था. वह आसपास के लोगों से ज्यादा बात नहीं करते थे. उनके परिवार का संपर्क नंबर पता करने के लिए भी लोगों को उनके संस्थान वाजीराम से संपर्क करना पड़ा.”
वह छात्रा भी दो साल पहले UPSC परीक्षा की तैयारी करने दिल्ली आई थीं.
उन्होंने आगे बताया कि उसने सुना था कि रेड्डी की एक महिला दोस्त, जो पास में ही रहती थीं, पुलिस के सामने बयान देने के लिए आगे आईं थीं.
सोमवार को दोपहर 2:38 बजे पुलिस को फोन आया, तब तक रेड्डी की मौत हुए कई दिन हो चुके थे. पुलिस को फ्लैट से तेलुगु भाषा में लिखा एक सुसाइड नोट मिला. एक अधिकारी के मुताबिक, नोट में लिखा था कि रेड्डी खुद को प्रेरित महसूस करना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहे थे. उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया था.
पुलिस के मुताबिक, रेड्डी के रूममेट ने बताया कि वह कम बोलते थे, अपने तक ही सीमित रहते थे और अकेले रहना पसंद करते थे.
ओल्ड राजेंद्र नगर का माहौल
ओल्ड राजेंद्र नगर में इस घटना के बारे में बात करने के लिए बहुत कम लोग तैयार हैं.
ओल्ड राजेंद्र नगर में रहने वाले UPSC एस्पिरेंट नितिन दुबे ने कहा, “उन पर बहुत दबाव था. UPSC की तैयारी मानसिक और भावनात्मक रूप से थका देने वाली होती है. इसमें बहुत समय लगता है. अगर हम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, तो हमें पता होना चाहिए कि कब तैयारी छोड़ देनी चाहिए, लेकिन ऐसा करना बहुत मुश्किल है. एक बार इस चक्र में फंसने के बाद यह सफर आखिरी प्रयास के साथ ही खत्म होता है.”
त्योहारों के मौसम में कई एस्पिरेंट्स हॉस्टल और किराए के फ्लैट छोड़कर अपने घर चले गए हैं, लेकिन जो छात्र यहां रुके हैं, वे अब भी पढ़ाई के लिए लाइब्रेरी जा रहे हैं. रेड्डी की मौत उनके बीच चर्चा का विषय बन गई है.
सोमवार को छात्रों के टेलीग्राम ग्रुप में काफी बातचीत हुई. इन ग्रुप में तैयारी के दबाव से परेशान छात्रों को हिम्मत देने वाले संदेश साझा किए गए.
छात्रों के एक टेलीग्राम ग्रुप में एक संदेश में लिखा था, “अगर कोई तनाव या दबाव महसूस कर रहा है, तो कृपया खुलकर बात करें. अपने उन दोस्तों का भी ध्यान रखें, जो ज्यादा बात नहीं करते.”
ओल्ड राजेंद्र नगर में UPSC की तैयारी के भारी दबाव के बीच रेड्डी की मौत इस तरह का पहला मामला नहीं है. इससे पहले, जयपुर की 20 साल की एक युवती अगस्त 2025 में अपने किराए के कमरे में मृत पाई गई थी. वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करीब दो महीने पहले ही दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर आई थी. खबरों के मुताबिक, पुलिस को एक नोट मिला था, जिसमें परीक्षा की तैयारी से जुड़े तनाव और अवसाद का जिक्र था.
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