कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने बुधवार को हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों की गजट अधिसूचना राज्यपाल आर.एन. रवि को सौंप दी. इसके साथ ही राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है.
अधिसूचना सौंपे जाने के बाद अब उम्मीद है कि राज्यपाल बहुमत वाली पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे.
अग्रवाल ने पत्रकारों से कहा, “हमने चुनाव आयोग की अधिसूचना राज्यपाल को सौंप दी है. फलता में दोबारा मतदान होगा और बाकी 293 सीटों के विजेताओं की सूची भी राज्यपाल को दे दी गई है. अब नई विधानसभा का गठन होगा.”
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफा नहीं देने की खबरों पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा, “इसका चुनाव आयोग से कोई लेना-देना नहीं है. यह मुख्यमंत्री, राज्यपाल और भारत के राष्ट्रपति के बीच का मामला है. इसमें हमारी कोई भूमिका नहीं है.”
यह घटनाक्रम उस बयान के एक दिन बाद सामने आया है, जिसमें अग्रवाल ने ममता बनर्जी द्वारा चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठाए गए सवालों—खासकर EVM में गड़बड़ी के आरोपों—का जवाब दिया था.
उन्होंने कहा, “जब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं होगी, हम कैसे जवाब दें? कौन सी मशीन, कौन सी टेबल और किस सीट की बात हो रही है—अगर यह साफ नहीं है, तो जवाब देना मुश्किल है.”
मुख्यमंत्री के यह आरोप लगाने पर कि उन्हें मतगणना केंद्र पर धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा, अग्रवाल ने कहा कि आंतरिक रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है.
उन्होंने कहा, “सीसीटीवी कैमरे कभी बंद नहीं थे. मैंने जिला चुनाव अधिकारी से भी बात की, किसी के साथ मारपीट नहीं हुई. अगर ऐसा कुछ होता, तो शिकायत दर्ज होती और एफआईआर होती. न कोई शिकायत आई, न एफआईआर दर्ज हुई.”
सोमवार को घोषित नतीजों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी ने 207 सीटें जीती हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटें मिली हैं, जो 15 साल बाद सत्ता से बाहर हो गई है.
अब बीजेपी पश्चिम बंगाल में अपनी पहली सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी कर रही है.