नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों और अभिभावकों के नाम पाती लिखी है. इसमें उन्होंने छुट्टियों को सीखने और नए अनुभवों का समय बताया है. उन्होंने कहा कि यह अवधि बच्चों के व्यक्तित्व विकास और नई रुचियों को अपनाने का अवसर है. मुख्यमंत्री ने बच्चों को नई भाषा, फोटोग्राफी, चित्रकारी, संगीत, पाक कला और बागवानी जैसे कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया.
सीएम योगी ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को ननिहाल और ददिहाल भेजें ताकि वे पारिवारिक संस्कारों और परंपराओं से जुड़ सकें. उन्होंने कहा कि दादा-दादी और नाना-नानी के अनुभव बच्चों के जीवन में नैतिक शिक्षा का महत्वपूर्ण स्रोत हैं.
मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रकृति से जोड़ने पर भी जोर दिया. उन्होंने दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार और चूका बीच जैसे स्थलों पर ले जाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि इससे बच्चे जैव विविधता और पर्यावरण को बेहतर समझ सकेंगे.
सीएम योगी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए छुट्टियों को प्लास्टिक मुक्त बनाने की अपील की. उन्होंने कपड़े और जूट के थैलों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही. साथ ही उन्होंने बच्चों के साथ पौधे लगाने और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी देने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि मिट्टी, जल और वृक्ष से जुड़ाव बच्चों में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है.