अमरावती/चेन्नई/भुवनेश्वर, दो नवंबर (भाषा) एक हफ्ते के भीतर आने वाले दूसरे भीषण चक्रवात का सामना करने की तैयारी कर रहे देश के पूर्वी तटीय राज्यों में भारी बारिश हुई और सोमवार को कई उड़ानें रद्द कर दी गईं, आपदा राहत टीमों को अलर्ट पर रखा गया और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
‘मुरासु’ चक्रवात – जिसका अर्थ ‘युद्ध का नगाड़ा’ होता है – के सोमवार आधी रात से मंगलवार तड़के के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश में नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट पर दस्तक देने की आशंका है। इस दौरान हवा की गति 100-110 किमी प्रति घंटा रहने और झोंकों के साथ 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।
सोमवार को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम हवाईअड्डों पर कम से कम 19 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गईं। इनमें से, विजयवाड़ा हवाई अड्डे पर इंडिगो ने 10 उड़ानें और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने दो उड़ानें रद्द कीं।
विशाखापत्तनम हवाई अड्डे ने चार उड़ानें रद्द कर दीं और तिरुपति हवाई अड्डे ने तीन।
भीषण चक्रवात के कारण उत्तरी तमिलनाडु में हुई बारिश से चेन्नई के कई इलाके जलमग्न हो गए। मौसम विभाग द्वारा बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताए जाने के बाद, प्रशासन ने सोमवार को स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी।
चेन्नई हवाई अड्डे के अधिकारियों ने कुछ उड़ानें रद्द कर दीं और यात्रियों से मदद के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करने का अनुरोध किया।
चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लुर जिलों के कई हिस्सों में रविवार रात से ही मूसलाधार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि चक्रवात के दक्षिण आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने के कारण, चेन्नई और तिरुवल्लुर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।
चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरी जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वानुमान के अनुसार, तूफान के पूरी तरह से तटीय इलाकों को पार कर लेने के बाद ही बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होगी।
भीषण चक्रवात की तैयारियों के बीच, तमिलनाडु ने आंध्र प्रदेश की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है, क्योंकि इस तूफान के केंद्र में आंध्र प्रदेश के होने की आशंका है।
उसने आंध्र प्रदेश में 90 कर्मियों वाली एनडीआरएफ की तीन टीमें और 500 कर्मियों वाली बिजली विभाग की 25 टीमें, जरूरी उपकरणों के साथ भेजीं।
कर्नाटक ने घोषणा की है कि वह चक्रवात अर्नब से क्षतिग्रस्त हुए बिजली ढांचे को बहाल करने में मदद के लिए, आंध्र प्रदेश में 500 कुशल बिजली कर्मियों और जरूरी उपकरणों को तैनात करेगा।
चक्रवात के प्रभाव के कारण दक्षिणी तटीय क्षेत्र और रायलसीमा जिले में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना के बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
उन्हें उम्मीद है कि चक्रवात का असर सीमित रहेगा, क्योंकि पूर्वानुमानों के अनुसार हवा की गति और बारिश की तीव्रता, चक्रवात अर्नब की तुलना में कम रहने की संभावना थी।
ओडिशा ने संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम तेज कर दिया है, क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने संकेत दिया है कि तूफान के असर से राज्य के दक्षिणी हिस्से में भारी बारिश हो सकती है।
ओडिशा के कुछ दक्षिणी जिलों ने 3 नवंबर तक स्कूल और कॉलेज बंद रखने की घोषणा की है, क्योंकि राज्य के कई हिस्सों में चक्रवात के आने के कारण हल्की बारिश शुरू हो गई है।
ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि हालांकि चक्रवात के आंध्र प्रदेश के तट पर आने का अनुमान है, लेकिन इसका असर ओडिशा के कई हिस्सों, विशेषकर दक्षिणी जिलों गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरि में पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित लोगों के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा की और कहा कि ‘मुरासु’ के गुजर जाने के बाद नुकसान का आकलन करके इस राहत पैकेज की समीक्षा की जाएगी।
भाषा प्रशांत माधव
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