भुवनेश्वर, 21 अक्टूबर (भाषा) ओडिशा में विवादित कोटिया गांवों में पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश द्वारा चुनाव कराए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बीजू जनता दल (बीजद) के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने और बातचीत के जरिये विवाद सुलझाने पर जोर दिया।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमा पर पूर्वी घाट की पहाड़ियों में बसे कोटिया गांवों को लेकर दशकों से जारी क्षेत्रीय विवाद अक्सर चुनावों के दौरान सामने आ जाता है।
दोनों राज्यों द्वारा क्षेत्रीय अधिकारों का दावा किए जाने के कारण यह मामला फिलहाल उच्चतम न्यायालय में है। इन गांवों के लोगों को दोहरी मतदान स्थिति प्राप्त है, जिससे उन्हें दोनों राज्यों में अपने मताधिकार का प्रयोग करने का विशेष अधिकार मिलता है।
प्रधान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘हम सभी जानते हैं कि कोटिया ओडिशा और वहां के लोगों के लिए कितना महत्वपूर्ण है। कोटिया ओडिशा की संप्रभुता और अखंडता की पहचान है। कोटिया को लेकर लंबे समय से जारी सीमा विवाद निश्चित रूप से ओडिशा के लोगों के लिए चिंता का विषय है। राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर ओडिशा के हितों के लिए एकजुट होने और सामूहिक समाधान तलाशने की जरूरत है।’
प्रधान ने कहा, ‘हमें बातचीत के जरिये सौहार्दपूर्ण माहौल बनाना चाहिए और समाधान का रास्ता तैयार करना चाहिए।’
भाषा
शुभम पारुल
पारुल
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