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Monday, 13 July, 2026
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राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO पद के लिए मांगे आवेदन, हिंदू और वैष्णव राम भक्त उम्मीदवार को मिलेगी प्राथमिकता

50 से 70 साल की उम्र के ऐसे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, जिनके पास मैनेजमेंट में कम से कम 20 साल का अनुभव हो. आवेदन की आखिरी तारीख 18 जुलाई है.

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नई दिल्ली: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद के लिए आवेदन मांगे हैं. यह पद 50 से 70 साल की उम्र के हिंदू उम्मीदवारों के लिए खुला है.

ट्रस्ट ने एक्स पर पोस्ट कर इस भर्ती की जानकारी दी. पोस्ट के मुताबिक, उम्मीदवार के पास मैनेजमेंट के क्षेत्र में कम से कम 20 साल का अनुभव होना चाहिए.

सीईओ ट्रस्ट के महासचिव को रिपोर्ट करेगा और उसके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बैचलर की डिग्री होनी चाहिए.

ट्रस्ट ने कहा है कि जिन उम्मीदवारों ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (Chief Administrative Officer) के रूप में काम किया हो या किसी मंदिर या हिंदू धार्मिक संस्था के प्रबंधन का अनुभव हो, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी.

पोस्ट के अनुसार, उम्मीदवार हिंदू धर्म का पालन करने वाला होना चाहिए. साथ ही, वैष्णव परंपरा का राम भक्त होना वांछनीय माना जाएगा.

यह भर्ती ऐसे समय में निकली है, जब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर में मिले दान की कथित चोरी की जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई की.

विपक्षी नेताओं द्वारा मंदिर के दान में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए जाने के बाद दायर इन याचिकाओं में सीबीआई जांच कराने और जांच से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है.

वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद सुधाकर सिंह ने भी एक याचिका दायर कर ट्रस्ट के सभी वित्तीय विवरण, जिनमें विदेशी चंदा भी शामिल है, सार्वजनिक करने की मांग की है.

जनता के बढ़ते विरोध के बीच ट्रस्ट ने 6 जुलाई को महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए थे.

इसके बाद सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी कृष्ण मोहन को ट्रस्ट का कार्यवाहक (अंतरिम) महासचिव नियुक्त किया गया. वहीं, सीईओ के सिलेक्शन के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है.

इस पद की प्रमुख जिम्मेदारियों में ट्रस्ट की सभी कानूनी, प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारियों का संचालन शामिल है.

सीईओ यह भी सुनिश्चित करेगा कि ट्रस्ट के सभी वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता बनी रहे.

इसके अलावा, नियुक्त सीईओ को मंदिर और ट्रस्ट के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था तैयार करनी होगी और ट्रस्ट व राम मंदिर की प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करना होगा.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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