नयी दिल्ली, 25 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी समेत उत्तर भारत में भीषण गर्मी के बीच यहां जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों के एक समूह ने विश्वविद्यालय परिसर में पानी से भरे मिट्टी के बर्तन रखे हैं, ताकि पक्षियों और जानवरों को अपनी प्यास बुझाने में मदद मिल सके।
यह अभियान 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस के अवसर पर शुरू किया गया था और छात्रों को संपूर्ण विश्वविद्यालय परिसर को कवर करने के लिए कई समूहों में विभाजित किया गया था, जो लगभग 1000 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है।
उन्होंने प्रतिदिन स्वच्छ व ताजा पानी रखने की जिम्मेदारी भी आपस में बांटी है।
जेएनयू अरावली पहाड़ियों के दक्षिणी रिज का एक हिस्सा है और यहां विभिन्न प्रजातियों के जंगली जीव पाये जाते हैं। विश्वविद्यालय परिसर क्षेत्र में पाई जाने वाली प्रजातियों में कॉमन पाम सिवेट, स्मॉल इंडियन सिवेट, इंडियन गोल्डन जैकाल, इंडियन क्रेस्टेड पोरक्यूपाइन, ब्लू बुल्स, रूफस टेल्ड हेयर, विभिन्न प्रकार की छिपकलियां, सांप, पक्षी और तितलियां शामिल हैं।
हर साल गर्मी के मौसम से पहले, जेएनयू की संस्था ‘स्टूडेंट फॉर डेवलपमेंट’ (एसएफडी) या विकासार्थ विद्यार्थी विश्वविद्यालय परिसर में पक्षियों के लिए पानी से भरे कटोरे रखने का अभियान चलाती है।
एसएफडी-दिल्ली के संयोजक मंजुल पवार ने कहा, ‘‘इस वर्ष भी छात्रों ने परिसर के चारों ओर बर्तनों को रखा है और उनमें साफ पानी रखने की जिम्मेदारी आपस में बांटी है। ’’
भाषा रवि कांत वैभव
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