नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाद्रा ने बुधवार को कहा कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनकी एकल प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले दिल्ली में हालिया विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी उनकी कई तस्वीरें हटा दीं।
प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ का पूर्वावलोकन (प्रिव्यू) बुधवार को हुआ। यह प्रदर्शनी बृहस्पतिवार से आम लोगों के लिए खुलेगी।
रेहान ने कहा कि उन्हें बुधवार को अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे बताया गया कि अगर तस्वीरें शाम पांच बजे तक नहीं हटाई गईं, तो प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी।
रेहान ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शनी का विस्तृत प्रस्ताव और प्रारूप बीकानेर हाउस प्रबंधन के साथ काफी पहले साझा कर दिया था, इसके बावजूद प्रशासन ने कई तस्वीरें हटा दीं।
रेहान के मुताबिक, प्रदर्शनी में शुरू में वन्यजीवन, अमूर्त कला और भारत में युवाओं के हालिया प्रदर्शनों की तस्वीरें समेत 100 से अधिक तस्वीरें शामिल थीं, जिनमें से 70 से अधिक तस्वीरें हटा दी गई हैं और करीब 40 तस्वीरें अभी प्रदर्शित हैं।
उन्होंने कहा कि हटाई गई तस्वीरों में किसी तरह का राजनीतिक संदेश नहीं था और वे पिछले छह महीने के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शनों का केवल दृश्य दस्तावेजीकरण थीं।
रेहान ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “एक भारतीय कलाकार के तौर पर मुझे लगा कि जो कुछ हो रहा है, उसका दस्तावेजीकरण करना मेरा कर्तव्य है। वे कलाकारों के काम को सेंसर कर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि वे किस बात से डरे हुए हैं। उन्होंने भारतीय ध्वज की तस्वीर तक हटा दी।”
रेहान ने दावा किया कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने तस्वीरें हटाने के पीछे मौजूदा “राजनीतिक माहौल” का हवाला दिया और कहा कि ऐसी तस्वीरों को प्रदर्शित करने का यह सही समय नहीं है।
रेहान ने कहा, “मैंने तर्क दिया कि आप यह नहीं कह सकते कि राजनीतिक कला प्रदर्शित न करें, क्योंकि सारी कला राजनीतिक होती है। राजनीति के बिना कोई कला नहीं है।”
रेहान की मां और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने तस्वीरें हटाए जाने पर आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह हास्यास्पद है। वे देशभर के युवाओं की आवाज को दबा रहे हैं। इसलिए यह स्वाभाविक ही है कि वे किसी के साथ भी ऐसा करेंगे।”
प्रियंका ने कहा, “विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी उसकी (रेहान) तस्वीरों में न तो कोई टिप्पणी थी और न ही किसी के खिलाफ कुछ अपमानजनक था। वे सिर्फ विरोध-प्रदर्शन का दृश्य के जरिये किया गया दस्तावेजीकरण थीं। स्पष्ट रूप से यही उनका (सरकार) तरीका है। अब लोकतंत्र नहीं रहा। आज यह उसके साथ हुआ है, कल किसी और कलाकार के साथ होगा।”
रेहान ने एक बयान में कहा कि बीकानेर हाउस प्रबंधन ने प्रदर्शनी के उद्घाटन से कुछ घंटे पहले विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरों की “राजनीतिक प्रकृति” पर आपत्ति जताई और उन्हें हटाने का अनुरोध किया।
रेहान ने कहा कि प्रदर्शनी का विस्तृत प्रस्ताव और लेआउट पहले ही प्रबंधन के साथ साझा किया जा चुका था, इसलिए उद्घाटन से 24 घंटे से भी कम समय पहले लगभग 50 प्रतिशत कलाकृतियों को हटाने का अनुरोध करना उचित नहीं था।
बीकानेर हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि वह इस मामले पर टिप्पणी करने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
बीकानेर हाउस के सीसीए भवन की पहली मंजिल पर स्थित दो बड़े कमरों की दीवारों से करीब 74 तस्वीरें हटाए जाने के बाद वहां तस्वीरों की जगह लगी कीलें नजर आ रही थीं। दीवारों पर संविधान की प्रस्तावना अंकित थी।
प्रदर्शनी रविवार तक जारी रहेगी और तस्वीरें हटाए जाने के बावजूद इसका आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जा रहा है।
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हक पारुल
पारुल
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