scorecardresearch
Monday, 20 July, 2026
होमदेशपुरी रथ यात्रा के दौरान 'कुप्रबंधन' की न्यायिक जांच कराई जाए : विपक्ष

पुरी रथ यात्रा के दौरान ‘कुप्रबंधन’ की न्यायिक जांच कराई जाए : विपक्ष

Text Size:

भुवनेश्वर, 20 जुलाई (भाषा) ओडिशा में विपक्ष ने सोमवार को पुरी रथयात्रा के दौरान अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए घटना की न्यायिक जांच की मांग की और भाजपा सरकार पर श्रद्धालुओं की मौत एवं घायलों की वास्तविक जानकारी छिपाने का आरोप लगाया।

बीजू जनता दल (बीजद) के उपाध्यक्ष संजय दास बर्मा ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि सरकार ने रथयात्रा के दौरान हुई मौतों और घायलों की सही स्थिति का खुलासा नहीं किया।

उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग पर ‘‘भगदड़ जैसी स्थिति’’ को हृदयाघात और दम घुटने जैसी वजहों से जोड़कर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। बीजद का दावा है कि चार गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से तीन की मौत हो गई, जबकि 350 से अधिक लोग घायल हुए।

बीजद प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने भी भीड़ प्रबंधन में विफलता का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस नेता एस.एस. सलूजा ने मृतकों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा और उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी जांच की मांग की।

इस बीच, राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से दो मृत श्रद्धालुओं के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की।

सरकार का कहना है कि भारी भीड़ और लगातार बारिश के कारण थकान, निर्जलीकरण, दम घुटने जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हुईं।

सरकार के अनुसार, सात श्रद्धालु बीमार पड़े थे, जिनमें एक बुजुर्ग की अस्पताल में मौत हुई, जबकि दूसरे श्रद्धालु की हृदयाघात से जान गई।

सरकार ने किसी भी भगदड़ या भीड़ प्रबंधन में चूक से इनकार करते हुए रथयात्रा को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बताया।

पुरी में हर साल भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और उनकी बहन देवी सुभद्रा की रथ यात्रा निकाली जाती है।

भाषा

राखी धीरज

धीरज

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments