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Thursday, 27 August, 2026
होमदेशएक हत्या, दो परिवार और 50 लाख की ‘वसूली’: FBI चार्जशीट में नाम के बाद पंजाब पुलिसकर्मी पर गंभीर सवाल

एक हत्या, दो परिवार और 50 लाख की ‘वसूली’: FBI चार्जशीट में नाम के बाद पंजाब पुलिसकर्मी पर गंभीर सवाल

गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने कथित तौर पर पंजाब के रहने वाले और LA में बसे एक व्यक्ति और उसके बच्चों को हत्या के मामले में फंसाने की धमकी दी. अभी तक 16 लाख रुपये के लेन-देन का पता चला है.

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नई दिल्ली: पंजाब पुलिस को शक है कि अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) की ओर से आरोपी बनाए गए एक निलंबित पुलिस अधिकारी ने एक अमेरिकी दंपति से करीब 50 लाख रुपये की वसूली की. इसके बदले उसने उनके बेटे और बेटी को मामले में नहीं फंसाने का भरोसा दिया. दिप्रिंट को यह जानकारी मिली है.

पुलिस ने गुरिंदरजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार किया था. वह होशियारपुर जिले के टांडा पुलिस स्टेशन का पूर्व स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) था. यह गिरफ्तारी FBI की ओर से जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े मामले में उसे आरोपी बनाए जाने के एक हफ्ते बाद हुई.

जुलाई में FBI ने भगवानपुरिया गैंग के खिलाफ अपने मामले में नागरा को आरोपी बनाया था. आरोप है कि उसने अमेरिका में रहने वाले पंजाब के एक व्यक्ति को मैसेज भेजकर उसे और उसके बच्चों को मामले में फंसाने की धमकी दी थी.

FBI के आरोप के अनुसार, नागरा अमेरिका में रहने वाले भगवानपुरिया गैंग के एक सदस्य गुरलाल सिंह के साथ मिलकर काम कर रहा था. जुलाई में अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय देशों में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया के गैंग और फरार घोषित आतंकवादी सतिंदर सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ समेत संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ जांच के दौरान नागरा का नाम सामने आया था. अमेरिकी अधिकारियों ने नागरा समेत 37 लोगों पर आरोप लगाए हैं.

हालांकि, सूत्रों ने बताया कि अभी तक सिर्फ 16 लाख रुपये के लेन-देन का पता चला है. बाकी रकम के लेन-देन का पता लगाने के लिए जांच अभी जारी है. उन्होंने बताया कि जांच में नागरा द्वारा कथित तौर पर वसूली गई लॉस एंजिल्स में रहने वाले परिवार और परिवार की ओर से पैसे पहुंचाने वाले व्यक्ति की पहचान भी कर ली गई है.

जांच की जानकारी रखने वाले एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “नागरा ने लॉस एंजिल्स में अपने परिवार, पत्नी और दो बच्चों के साथ रह रहे रिटायर्ड असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर चारणजीत सिंह को धमकी दी थी. उसने पैसे नागरा तक पहुंचाने के लिए अपने पुराने भरोसेमंद व्यक्ति की मदद ली.”

अधिकारी ने बताया कि चरणजीत सिंह के उस व्यक्ति ने जांच के दौरान बताया कि उसे दो बार में पैसे मिले थे—पहली बार 16 लाख रुपये और दूसरी बार करीब 34 लाख रुपये.

“पैसे भेजने की पहली प्रक्रिया का पता लगा लिया गया है और पैसे पहुंचाने में मदद करने वाले व्यक्ति का बयान भी दर्ज किया गया है.” हालांकि, अधिकारी ने कहा कि पैसे भेजने का दूसरा रास्ता अभी पता नहीं चला है और इसकी जांच की जा रही है.

दुश्मनी और बदला

नागरा के खिलाफ पूरे मामले की शुरुआत जनवरी में होशियारपुर जिले के मियानी गांव में बलविंदर सिंह की हत्या से हुई. हत्या के कुछ समय बाद गुरलाल सिंह सिंडिकेट के गुरदेव सिंह ने इंस्टाग्राम पर हत्या की जिम्मेदारी ली.

भगवानपुरिया का करीबी बताया जाने वाला गुरलाल, FBI की ओर से भगवानपुरिया के साथ आरोपी बनाया गया है. उस पर अमेरिका से अपराध का गिरोह चलाने, अवैध हथियार और नशीले पदार्थ बेचने और वसूली का गैंग चलाने के आरोप हैं.

कुछ दिनों बाद होशियारपुर पुलिस ने गुप्त जानकारी के आधार पर तेजिंदर पाल सिंह उर्फ चन्नी, गुरमन सिंह और स्वराज सिंह को आरोपी बनाया. इसके बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें फरार आरोपी चन्नी की पत्नी लवप्रीत कौर भी शामिल थी.

नागरा टांडा के SHO के तौर पर इस मामले की जांच की निगरानी कर रहा था. जांच में उसे पता चला कि चरणजीत सिंह ने अपनी बेटी के शादी से जुड़े विवाद को लेकर बलविंदर की हत्या की साजिश रची थी. चरणजीत सिंह ने नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी और 2023 में अपने परिवार के साथ अमेरिका में जाकर बस गया था.

एक अन्य अधिकारी ने कहा, “चरणजीत की बेटी की शादी दिसंबर 2023 में बलविंदर के बेटे से हुई थी. कुछ समय तक यह जोड़ा कनाडा में रहा, लेकिन किसी विवाद के बाद होशियारपुर लौट आया. चरणजीत सिंह भी वहां आ गया और उसकी बेटी ने तलाक मांगा, लेकिन बलविंदर इसके लिए तैयार नहीं था.”

अधिकारी ने कहा, “इससे दोनों पक्षों के बीच विवाद और बढ़ गया. चरणजीत की बेटी ने कुछ निजी आरोप लगाए, जिससे कथित तौर पर बलविंदर के अहंकार को ठेस पहुंची.”

कथित तौर पर बलविंदर ने बदला लेने की ठानी. जब चरणजीत अपनी बेटी की दोबारा शादी करने की कोशिश कर रहा था, तब बलविंदर ने इस रिश्ते को लेकर बहुत खराब राय दी.

अधिकारी ने कहा, “ये घटनाएं नवंबर-दिसंबर में हुईं और हिसाब बराबर करने के लिए चरणजीत ने जनवरी में हत्या की साजिश रची.”

नागरा ने कथित तौर पर चरणजीत को इस मामले में फंसा दिया. साथ ही धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उसके बेटे और बेटी को भी इसी मामले में फंसा दिया जाएगा.

अधिकारी ने बताया कि इस समझौते के तहत चरणजीत ने अपने पुराने दोस्त की मदद ली और उसके जरिए पैसे भेजे. अधिकारी ने कहा, “16 लाख रुपये एक सरकारी कर्मचारी को दिए गए, जिसने ये पैसे नागरा तक पहुंचाए. पैसे पहुंचाने वाले व्यक्ति को शायद यह नहीं पता था कि पैसे किस काम के लिए दिए जा रहे हैं.”

चरणजीत से कथित तौर पर मिले 16 लाख रुपये में से नागरा ने जांचकर्ताओं को बताया कि मीडिया में उसके खिलाफ FBI के आरोपों की खबर आने के बाद उसने 15 लाख रुपये होशियारपुर की एक नहर में फेंक दिए थे.

सूत्रों ने आगे बताया कि चरणजीत के दोस्त ने कहा कि उसे अपने दोस्त से करीब 34 लाख रुपये मिले थे, जिन्हें उसने एक दूसरे बिचौलिए को भेज दिया.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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