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Thursday, 8 October, 2026
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सीमापुरी में इमारत ढही, एक बच्चे की मौत, कम से कम आठ जख्मी

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नयी दिल्ली, सात अक्टूबर (भाषा) दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को चार मंजिला एक इमारत ढह जाने से डेढ़ साल के एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन-वर्षीय एक बच्चे समेत आठ अन्य जख्मी हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आठ लोगों को घायल हालत में मलबे से निकाला गया है और अस्पतालों में भेजा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि करीब डेढ़ साल के एक बच्चे का शव मलबे से बाहर निकाला गया। उनके मुताबिक, उसका सिर, धड़ से अलग था।

आधिकारियों को संदेह है कि मंगलवार शाम को उत्तराखंड में आए भूकंप के झटकों के बाद इमारत में आई दरारें इस घटना का कारण हो सकती हैं।

स्थानीय लोगों ने कहा कि वे मलबे में फंसे लोगों की आवाजें सुन सकते हैं।

इमारत ढहने का वास्तविक कारण अब तक पता नहीं चल पाया है।

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अनुसार, पड़ोसियों ने दावा किया है कि भूकंप के बाद इमारत में दरारें आ गईं और इमारत का मालिक इसे खाली करने की प्रक्रिया में था।

दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) ने कहा कि घटना के संबंध में अपराह्न 3.30 बजे सूचना मिली, जिसके बाद दमकल की गाड़ियों के साथ एक टीम को घटनास्थल पर भेजा गया। दिल्ली पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), एमसीडी और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) की टीमों ने खोज और बचाव अभियान शुरू किया।

पुलिस के मुताबिक, चार मंजिला इमारत लगभग 25 वर्ग गज के भूखंड पर बनाई गई थी। हालांकि, एमसीडी ने बताया कि यह ईदगाह मछली मंडी के पास डीयूएसआईबी क्षेत्र में लगभग 22 वर्ग गज में बनी तीन मंजिला इमारत थी। यह झुग्गी झोपड़ी क्षेत्र में आती है।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘तीन साल के एक बच्चे सहित आठ घायल लोगों को मलबे से निकाला गया है। अभियान जारी है और घटना के संबंध में अधिक जानकारी एकत्र की जा रही है।’

एमसीडी ने कहा कि इमारत लगभग 20-25 साल पुरानी थी और घटना के समय इसमें लोग रह रहे थे।

निगम ने कहा, ‘इमारत के अलावा, बगल की एक इमारत की दीवारें गिर गईं, जबकि घटना के प्रभाव से पास की एक मस्जिद की चारदीवारी का एक हिस्सा भी ढह गया।’

एमसीडी ने कहा कि स्थानीय लोगों से पूछताछ के अनुसार, कूड़ा बीनने वाले परिवार इलाके में मौजूद थे और उनमें से कुछ प्लास्टिक और अन्य सामग्री इकट्ठा कर रहे थे, जब वे इमारत ढहने के बाद मलबे के नीचे दब गए।

एमसीडी ने कहा कि डीएफएस, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, डीडीएमए, एनडीआरएफ और डीयूएसआईबी की आपातकालीन टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और तुरंत बचाव अभियान शुरू किया।

इसने कहा, ‘आठ लोगों को निकाला गया और अस्पतालों में भेजा गया। एनडीआरएफ, एमसीडी, डीएफएस, दिल्ली पुलिस और डीडीएमए की संयुक्त टीमें मलबा हटाने में लगी हुई हैं।’

पुलिस और एमसीडी द्वारा जारी किए गए शुरुआती बयानों में मलबे से निकाले गए लोगों की संख्या में विसंगति है।

घटनास्थल के दृश्यों में दिख रहा है कि स्थानीय निवासी बचाव कार्य में लगे हुए हैं और अपने हाथों से मलबा हटा रहे हैं। उन्हें ढही हुई इमरात की ईंटें और मलबा हटाते और फंसे हुए लोगों को निकालने में मदद करते देखा गया।

एक वीडियो में, लोगों के एक समूह को एक महिला को मलबे से बाहर निकालते और उसे उठाकर ले जाते देखा जा सकता है।

बचाव अभियान में तेजी आने के साथ ही मलबे और पत्थरों के बड़े ढेर को हटाने के लिए जेसीबी मशीनों सहित भारी मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है।

एक स्थानीय निवासी ने कहा कि कई लोगों को स्थानीय निवासियों ने निकाला और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, ‘आधे घंटे बाद पुलिस आई। एक बच्चा अब भी दबा हुआ है और कुछ लोगों को निकाला गया है और अस्पताल भेजा गया है।”

दिल्ली यातायात पुलिस ने एक परामर्श जारी कर लोगों से सीमापुरी क्षेत्र की ओर जाने वाली सड़कों का उपयोग नहीं करने को कहा है, क्योंकि सीमापुरी गोल चक्कर, डीएलएफ भोपुरा और आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है।

पिछले महीने छह सितंबर को दक्षिण पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत ढहने से सात लोगों की मौत हो गई थी और 12 अन्य घायल हो गए थे।

भाषा नोमान नोमान सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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