लखनऊ: महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक स्वच्छता सुविधाएं बढ़ाने के लिए योगी सरकार पिंक टॉयलेट्स का निर्माण करा रही है. स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के तहत प्रदेश के अलग-अलग शहरों में पिंक टॉयलेट बनाए जा रहे हैं. प्रदेश के नगरीय निकायों में अब तक करीब 950 पिंक टॉयलेट बनाए जा चुके हैं.
विभागीय जानकारी के मुताबिक, 189 नगरीय निकायों में करीब 275 पिंक टॉयलेट ब्लॉक्स के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है. इन ब्लॉक्स में कुल 1,100 सीटें होंगी. साल 2025 में प्रदेश के नगरीय निकायों में पिंक टॉयलेट ब्लॉक्स के निर्माण का आवंटन किया गया था. इन टॉयलेट्स को खास तौर पर महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है.
शहरों के बाजारों, सार्वजनिक जगहों, प्रमुख सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिलाओं के लिए अलग, सुरक्षित और सुविधाजनक शौचालय उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है. नगर विकास विभाग का कहना है कि सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं के लिए बेहतर स्वच्छता सुविधाएं शहरी जीवन की जरूरी जरूरतों में शामिल हैं.
इसी को ध्यान में रखते हुए नगरीय निकायों को महिलाओं के अनुकूल स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार करने के साथ-साथ पहले से मौजूद शौचालयों और दूसरी स्वच्छता सुविधाओं का बेहतर रखरखाव करने और उन्हें इस्तेमाल के लायक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.
सरकार की इस पहल के तहत महिलाओं और बालिकाओं को सार्वजनिक जगहों पर साफ और सुरक्षित वातावरण देने की कोशिश की जा रही है. साथ ही स्वच्छता व्यवस्था में उनकी जरूरतों को ध्यान में रखा जा रहा है.
पिंक टॉयलेट्स की संख्या बढ़ने से शहरों में महिलाओं के लिए बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी. इससे नगरीय स्वच्छता व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित, सुविधाजनक, सम्मानजनक और सभी के लिए बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
नगर विकास विभाग के सचिव अनुज कुमार झा ने कहा कि महिला सम्मान और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ भारत मिशन के तहत जरूरत के अनुसार पिंक शौचालय बनाने के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा कि जिन नगरीय निकायों में पिंक शौचालयों की जरूरत होगी, वहां मांग के अनुसार यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नगर विकास विभाग तैयार है.