भुवनेश्वर, पांच अप्रैल (भाषा) ओडिशा सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्रों के लिए आरक्षण बढ़ाने के साथ सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी) के लिए मेडिकल व तकनीकी शिक्षा में नया आरक्षण लागू किया है।
यह निर्णय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया, ‘‘एसटी छात्रों का आरक्षण 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 22.5 प्रतिशत और एससी का आठ प्रतिशत से बढ़ाकर 16.25 प्रतिशत किया गया है, जबकि ओबीसी (ओडिशा में एसईबीसी) के लिए 11.25 प्रतिशत आरक्षण पहली बार लागू किया गया है।’’
उन्होंने बताया कि यह नयी व्यवस्था विश्वविद्यालयों, संबद्ध कॉलेजों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक तथा इंजीनियरिंग, चिकित्सा, नर्सिंग, फार्मेसी, कृषि, प्रबंधन और अन्य पेशेवर पाठ्यक्रमों में लागू होगी।
माझी ने कहा कि राज्य में एसटी आबादी 22 प्रतिशत से अधिक होने के बावजूद उन्हें केवल 12 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा था, जिसे अब उनकी जनसंख्या के अनुपात में बढ़ाया गया है। इससे मेडिकल सीट में एसटी छात्रों की संख्या 290 से बढ़कर 545 और एससी छात्रों की संख्या 193 से बढ़कर 393 हो जाएगी। इंजीनियरिंग की सीट में भी एसटी, एससी और एसईबीसी के लिए सीट बढ़ाई गई है।
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक नयी ‘मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना’ शुरू करेगा, जिसके तहत लाभार्थियों को हर महीने पांच किलोग्राम अतिरिक्त चावल मुफ्त में प्रदान किया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों के 14 अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है।
भाषा गोला सुरभि
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