भुवनेश्वर, 25 अक्टूबर (भाषा) ओडिशा के पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के तट से 28 अक्टूबर को एक प्रचंड चक्रवाती तूफान के टकराने की आशंका के बीच ओडिशा सरकार ने चक्रवात से निपटने की तैयारियां तेज कर दी है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने संवेदनशील जिलों में आठ मंत्रियों को तैनात किया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने नवीनतम बुलेटिन में बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना अवदाव पिछले छह घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ा और गहरे अवदाव में तब्दील हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार, इसके 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम निरंतर रफ्तार और 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ एक ‘बेहद प्रचंड चक्रवाती तूफान’ के रूप में आंध्र प्रदेश में बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट को पार करने की संभावना है।
अधिकारियों ने बताया कि इस मौसमी प्रणाली के 28 अक्टूबर को दोपहर से पहले तट से टकराने की उम्मीद है। इसके टकराने का अनुमानित स्थान ओडिशा के गोपालपुर से लगभग 300 किलोमीटर दूर है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि भले ही चक्रवात के आंध्र प्रदेश में तट से टकराने का पूर्वानुमान है, लेकिन ओडिशा सरकार कोई जोखिम नहीं लेगी और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहेगी।
उन्होंने अधिकारियों को आम जनता की सुरक्षा, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आपातकालीन उपायों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया तथा राज्य के ‘शून्य जनहानि’ के लक्ष्य को दोहराया।’
उप मुख्यमंत्री के. वी. सिंह देव को कोरापुट की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि दूसरी उप मुख्यमंत्री प्रवती परिदा रायगड़ा में व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगी।
ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं पेयजल मंत्री रबी नारायण नायक को कंधमाल सौंपा गया है, जबकि वाणिज्य एवं परिवहन मंत्री विभूति जेना गंजाम में तैयारियों पर नजर रखेंगे।
खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री के. सी. पात्रा नवरंगपुर में, स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड मलकानगिरि में, उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज गजपति में और स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग कालाहांडी में मौजूद रहेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, सभी मंत्री 27 से 29 अक्टूबर तक अपने-अपने आवंटित जिलों में ही रहेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, चरम मौसमी घटनाओं से निपटने का अनुभव रखने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को भी संवेदनशील जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
माझी ने कहा कि चक्रवात के कारण ओडिशा के दक्षिणी और तटीय जिलों में भारी बारिश हो सकती है और 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
उन्होंने कहा कि गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरि के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की संभावना है, जबकि अन्य तटीय क्षेत्रों में भी बारिश की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने 28 और 29 अक्टूबर को इन पांचों जिलों में सभी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अन्य जिलों के जिलाधिकारी बदलती स्थिति के आधार पर शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का निर्णय लेंगे।
उन्होंने बताया कि ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओड्राफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अग्निशमन सेवाओं की बचाव टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
माझी ने कहा, ‘ओड्राफ की लगभग 60 टीमें और एनडीआरएफ की 17 टीमें तैनात की गई हैं, जबकि अग्निशमन सेवा की 225 टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।’
इस बीच, आईएमडी ने 27 से 29 अक्टूबर तक तीन दिनों के लिए पूरे ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।
मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर के लिए रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरि, गजपति और गंजाम जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें अलग-अलग स्थानों पर 20 सेमी से अधिक अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
आईएमडी ने कहा कि गरज के साथ बारिश और 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है। मछुआरों को 24 अक्टूबर से समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
भाषा सुमित शोभना
शोभना
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