scorecardresearch
Sunday, 25 October, 2026
होमरिपोर्टमध्यप्रदेश में 2030-31 तक 15 हजार बसें चलाने का लक्ष्य, 7 शहरों में बनेंगे क्षेत्रीय कार्यालय

मध्यप्रदेश में 2030-31 तक 15 हजार बसें चलाने का लक्ष्य, 7 शहरों में बनेंगे क्षेत्रीय कार्यालय

भोपाल में बनेगा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, बसों की निगरानी और यात्रियों की सुरक्षा पर रहेगा जोर

Text Size:

नई दिल्ली: मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का विस्तार कर रही है. वर्ष 2030-31 तक करीब 15 हजार बसों के संचालन का लक्ष्य है. इसके लिए भोपाल में मुख्यालय और सात शहरों में क्षेत्रीय कार्यालय विकसित किए जा रहे हैं.

मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवाईपीआईएल) का मुख्यालय भोपाल के स्मार्ट सिटी परिसर में बनाया जा रहा है. यहां कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित होगा, जहां करीब 150 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी. इसके माध्यम से प्रदेशभर में बसों की निगरानी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.

क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में स्थापित किए जा रहे हैं. इन कार्यालयों से विभिन्न जिलों में संचालित बस सेवाओं का प्रबंधन और नियंत्रण किया जाएगा. इंदौर और उज्जैन के कार्यालय जनवरी 2027 तक तैयार होने की संभावना है. जबलपुर, ग्वालियर और रीवा के कार्यालयों को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि सागर कार्यालय 28 फरवरी 2027 तक तैयार करने की योजना है.

मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 25 सितंबर 2026 को इस सेवा का शुभारंभ किया था. इसके तहत सिटी, इंटरसिटी और इंटरस्टेट बस सेवाएं संचालित होंगी.

share & View comments