भुवनेश्वर, सात अक्टूबर (भाषा) नवीन पटनायक के नेतृत्व वाले बीजू जनता दल (बीजद) ने बुधवार को फैसला किया कि वह आठ अक्टूबर को ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल दलों द्वारा नए खनन कानून, स्कूली पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों और एसआईआर कवायद के विरोध में बुलाए गए ओडिशा बंद से दूर रहेगा।
पार्टी ने कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राजग और कांग्रेस नीत ‘इंडिया’ गठबंधन, दोनों से समान दूरी बनाए रखेगी।
यह फैसला बीजद के नेताओं ने दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रदर्शन में हिस्सा लेने के एक दिन बाद आया।
प्रदर्शन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी।
‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) गठबंधन के नौ दलों ने बृहस्पतिवार को 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है।
बंद में ओडिशा के स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की भी मांग की गई है। उन पर स्कूली पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया गया है।
बीजद के मीडिया समन्वयक लेनिन मोहंती ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘बीजद न तो कल बुलाए गए बंद का समर्थन कर रहा है और न ही उसका विरोध कर रहा है। हम ओडिशा में लोगों के अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए भाजपा और कांग्रेस, दोनों से समान दूरी बनाए रखेंगे।’’
मोहंती ने कहा कि बीजद ने स्वतंत्र रूप से भाजपा सरकार की कई नीतियों का विरोध किया है, जिनमें एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2026 और कथित त्रुटियों वाली स्कूली पाठ्यपुस्तकों का प्रकाशन शामिल है।
कांग्रेस, भाकपा, माकपा, भाकपा (माले) लिबरेशन, फॉरवर्ड ब्लॉक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार), समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने यहां बैठक की और लोगों से बंद में शामिल होने की अपील की।
भाषा संतोष सुरेश
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