मुंबई, दो नवंबर (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने सोमवार को नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक को लेकर अंदरूनी कलह की खबरों को खारिज कर दिया। पार्टी ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में पूरा भरोसा जताया और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के साथ विलय की किसी भी संभावना से इनकार किया।
बैठक के दौरान सुनेत्रा पवार और उनके बेटों पार्थ एवं जय की गैरमौजूदगी पर राजनीतिक हलकों में सवाल उठने के बाद पार्टी की ओर से यह सफाई सामने आई है।
राकांपा के एक वरिष्ठ नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि वरिष्ठ नेताओं के एक समूह ने रविवार को शाह से मुलाकात की, ताकि राकांपा और महायुति गठबंधन के अन्य घटक दलों के बीच बेहतर तालमेल पर चर्चा की जा सके।
नेता ने शाह के साथ बैठक में सुनेत्रा पवार और उनके बेटों की गैरमौजूदगी को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं को किनारे करते हुए कहा, ‘हम (उपमुख्यमंत्री और राकांपा प्रमुख) सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में सामूहिक रूप से काम करेंगे। राकांपा (शरदचंद्र पवार) के साथ विलय की संभावना को खारिज कर दिया गया है।’
उन्होंने कहा कि राकांपा वित्त मंत्रालय का विभाग वापस पाने की इच्छुक है और पार्टी ही यह तय करेगी कि इस मंत्रालय को कौन संभालेगा।
मुंबई में सोमवार रात आयोजित कोर कमेटी की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि शाह के साथ हुई बैठक के दौरान वित्त मंत्रालय के आवंटन का मुद्दा उठाया गया था।
तटकरे ने यह भी कहा कि पार्टी में असंतोष की कोई वजह नहीं है और उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी नेता संवाद तथा सामूहिक नेतृत्व के जरिए काम कर रहे हैं।
इससे पहले राकांपा के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता उमेश पाटिल ने कहा था कि यह खबर गलत, निराधार और भ्रामक है कि भेंट के दौरान महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार तथा राज्यसभा सदस्य पार्थ पवार को दरकिनार कर दिया गया ।
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पार्टी के नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, दिलीप वलसे पाटिल, हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल और धनंजय मुंडे ने सोमवार की सुबह दिल्ली में शाह से मुलाकात की।
पाटिल ने कहा था, ‘‘सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार ने इससे पहले शाह से मुलाकात की थी तथा अजित पवार के निधन के बाद पार्टी के सामने आ रहे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी। उस मुलाकात के दौरान, सुनेत्रा पवार ने शाह को बताया था कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात करेगा और उन्होंने शाह से उन्हें समय देने का अनुरोध किया था।’’
उन्होंने कहा था कि इन वरिष्ठ नेताओं को अजित पवार के कार्यकाल के अहम मुद्दों, राज्य के हितों से जुड़े मामलों और पार्टी से जुड़े विभिन्न विषयों की अच्छी जानकारी है तथा सोमवार की भेंट इसी संदर्भ में हुई।
पाटिल ने बताया कि नेताओं ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े कई मुद्दे भी उठाए और महायुति गठबंधन के अपने साथियों के साथ अनौपचारिक बातचीत की।
उन्होंने कहा, ‘‘मुलाकात को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देने और पार्टी के भीतर आंतरिक मतभेदों तथा तालमेल की कमी का विमर्श गढ़ने की कोशिशें की जा रही हैं। राकांपा महायुति गठबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एकजुट है।’’
पाटिल ने कहा कि राकांपा के बारे में कोई भी खबर देने से पहले मीडिया को तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए।
राकांपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘गठबंधन सहयोगियों के नेताओं के बीच होने वाली औपचारिक मुलाकातों का राजनीतिकरण न करें। अटकलों को तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।’’
भाषा
सुमित वैभव
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