अमरावती, 22 अक्टूबर (भाषा) आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने विपक्षी दल वाईएसआरसीपी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह कानूनी लड़ाइयों और अशांति के जरिए स्थानीय निकाय चुनावों को रोकने की कोशिश कर रही है।
यह बयान राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उच्चतम न्यायालय के आदेशों के बाद 100 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में चुनाव प्रक्रिया रोकने के मद्देनजर आया है।
राज्य में राजग गठबंधन में मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा), उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की जनसेना पार्टी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शामिल है।
चंद्रबाबू नायडू, पवन कल्याण और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पी वी एन माधव ने बुधवार को एक बयान में कहा, ‘‘राजग राज्य निर्वाचन आयोग के फैसलों का सम्मान करेगा। युवजन श्रमिक रायतु कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) साजिशों के जरिए स्थानीय निकाय चुनावों को रोकने की कोशिश कर रही है।’’
वाईएसआरसीपी ने उच्चतम न्यायालय का रुख करते हुए आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के 18 अक्टूबर के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें नामांकन दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया गया था। नामांकन की समयसीमा उसी दिन समाप्त हो गई थी।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुरूप नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाने का आदेश आज जारी किए जाने की संभावना है।
बयान में कहा गया कि वाईएसआरसीपी ने ‘‘जनकल्याण या राज्य के विकास के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं दिखाई है।’’ इसमें दावा किया गया कि विपक्षी दल कथित तौर पर शुरू से ही इन चुनावों को रोकने का प्रयास कर रहा है।
बयान में आरोप लगाया गया, ‘‘चुनाव प्रक्रिया रोकने की कोशिश में वाईएसआरसीपी 59 बार विभिन्न अदालतों का रुख कर चुकी है। अब जब बाधाएं दूर हो गई हैं और चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई है, तो पार्टी ने कई जगहों पर हिंसा भड़काई, पुलिसकर्मियों पर हमले किए और जनता के लिए बनाई गई सड़कों को खोद दिया। वह अब भी चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने के तरीके तलाश रही है।’’
राजग नेताओं ने कहा कि गठबंधन सरकार पारदर्शी, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
भाषा आशीष नरेश
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