भोपाल, 22 मई (भाषा) मध्यप्रदेश पुलिस प्रशिक्षण स्कूल (पीटीएस) की 172 एकड़ बंजर भूमि पर खो चुकी जैव विविधता को पुनर्जीवित करने की अनूठी पहल को अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सम्मानित किया गया।
मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड ने पुलिस महानिदेशक (एडीजी) राजा बाबू सिंह की अभिनव सोच को मान्यता दी। सिंह ने 2025 में राज्य के पुलिस प्रशिक्षण संस्थान का नेतृत्व करते हुए इस योजना को लागू किया था।
पुरस्कार प्रशस्ति पत्र के अनुसार, सिंह ने अपनी टीम के साथ ग्वालियर जिले के तिघरा स्थित पीटीएस परिसर की करीब 40 एकड़ भूमि पर 100 प्रजातियों के 16,000 पौधे लगाए। इसके अलावा परिसर में एक एकड़ क्षेत्र में औषधीय पौधों का ‘हर्बल गार्डन’ भी विकसित किया गया।
पीटीएस में नव नियुक्त पुलिस आरक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता है।
वर्ष 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी सिंह को यहां अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्तिगत श्रेणी में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। यह जानकारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।
जैव विविधता बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह पुरस्कार ऐसे व्यक्तियों और संस्थानों को दिया जाता है, जो सामान्य तौर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन से जुड़े नहीं होते, लेकिन इस क्षेत्र में विशेष योगदान देते हैं।
इस पुनर्जीवन योजना के तहत करीब 6,000 से 7,000 नाइट्रोजन स्थिरीकरण और फलदार पौधे लगाए गए। साथ ही कार्बन अवशोषित करने वाली घास और बांस के झुरमुट भी विकसित किए गए।
इन पौधों से मिट्टी के कटाव को रोकने में भी मदद मिलती है।
ग्वालियर स्थित इस पीटीएस में जैव विविधता पुनर्जीवन अभियान में 800 से अधिक पुलिस प्रशिक्षुओं, पर्यावरणविदों और वन विशेषज्ञों ने भाग लिया।
भाषा सं दिमो
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