नई दिल्ली: हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के नए चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रवि कोटा, जिन्हें एयरोस्पेस समुदाय में ‘LCA मैन’ के नाम से जाना जाता है, ने HAL तेजस Mk1A की भारतीय वायु सेना को डिलीवरी को कंपनी का सबसे बड़ा लक्ष्य बनाया है.
हालांकि, अब यह डिलीवरी संभवतः जून-जुलाई की उस समयसीमा को भी पार कर जाएगी जिसका पहले दिप्रिंट ने अनुमान लगाया था.
यह देरी तब हो रही है जब IAF ने HAL को कई रियायतें देने पर सहमति जताई है. लेकिन वायु सेना ने यह भी साफ कर दिया है कि वह किन चीजों को स्वीकार करेगी और किन्हें नहीं, इससे पहले कि वह इस लड़ाकू विमान को अपने बेड़े में शामिल करे.
ये सीमाएं सीधे विमान की लड़ाकू क्षमता से जुड़ी हैं, खासकर उसकी मिसाइल फायरिंग क्षमता और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) सिस्टम के प्रदर्शन से.
“IAF समझौता करने को तैयार है, और अंतिम फैसला रक्षा मंत्रालय करेगा क्योंकि उसी ने यह अनुबंध किया है. लेकिन IAF ऐसा विमान स्वीकार नहीं करेगी जिसे शामिल करने के कुछ महीनों बाद अगर युद्ध हो जाए तो इस्तेमाल ही न किया जा सके,” रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र के एक सूत्र ने दिप्रिंट को बताया.
सूत्रों के अनुसार, IAF पायलट की सुविधा और संचालन में आसानी से जुड़े कुछ मामलों में अस्थायी समाधान और समझौते स्वीकार करने को तैयार है, अगर इससे डिलीवरी जल्दी हो सके.
“उदाहरण के लिए, अगर अनुबंध में कहा गया था कि उड़ान से जुड़ा कोई काम ऑटोमेटिक होगा, लेकिन अब IAF को बताया जाता है कि इसमें और समय लगेगा और फिलहाल पायलट को इसे मैन्युअली करना होगा, तो वायु सेना इस पर समझौता करने को तैयार है,” एक सूत्र ने कहा.
सूत्रों ने जोड़ा कि इनमें से कुछ बाकी काम शायद अब एक साल बाद पूरे होंगे.
नई रियायतें फरवरी में IAF और रक्षा मंत्रालय के बीच तय की गई छूट का विस्तारित रूप हैं.
जैसा कि दिप्रिंट ने पहले बताया था, बाकी कमियों को ‘मामूली’, ‘बड़ी’ और ‘स्वीकार्य नहीं’ जैसी श्रेणियों में बांटा गया था.
सूत्रों ने कहा कि अब IAF उन कुछ कमियों को भी स्वीकार करने को तैयार है जिन्हें पहले ‘बड़ी’ श्रेणी में रखा गया था.
उन्होंने बताया कि कोटा ने हाल ही में IAF के वरिष्ठ नेतृत्व से मुलाकात की और उन्हें नई समयसीमा तथा बाकी इंटीग्रेशन कार्य की स्थिति के बारे में जानकारी दी.
पूर्व HAL CMD डी.के. सुनील द्वारा पहले तय किए गए कार्यक्रम में 9 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक रखी गई थी. तब तक HAL से उम्मीद थी कि वह तेजस Mk1A के अधिकतर लंबित काम पूरे कर लेगा.
लेकिन कोटा ने IAF को बताया कि महत्वपूर्ण इंटीग्रेशन कार्य, जिसमें इजरायली रडार को हथियार फायरिंग नियंत्रण और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम से जोड़ना शामिल है, अभी भी पूरा नहीं हुआ है.
HAL के पिछले नेतृत्व ने कई बार डिलीवरी की समयसीमा बदली थी.
अब रक्षा प्रतिष्ठान के कुछ हिस्सों में यह धारणा बढ़ रही है कि पहले दिए गए कई सार्वजनिक आश्वासन कार्यक्रम की वास्तविक स्थिति बताने से ज्यादा HAL के शेयर मूल्य को बनाए रखने के लिए दिए गए थे.
सूत्रों ने कहा कि HAL जब अगले महीने की समीक्षा बैठक में यह पुष्टि कर देगा कि महत्वपूर्ण लंबित इंटीग्रेशन कार्य पूरा हो चुका है, तब IAF विमान स्वीकृति परीक्षण शुरू करेगी. इन परीक्षणों में आमतौर पर लगभग एक महीना लगता है.
HAL लगातार इंजन डिलीवरी में देरी को इस समस्या का मुख्य कारण बताता रहा है. लेकिन दिप्रिंट ने पहले बताया था कि समस्या इससे कहीं ज्यादा गहरी है. इंजन की समस्या केवल सबसे दिखाई देने वाला कारण बन गई, जिसने इंटीग्रेशन और सिस्टम से जुड़ी बड़ी देरी को छिपा दिया.
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