भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार नोएडा की महिला ट्विशा शर्मा की मौत की जांच CBI से कराने की मांग करेगी. ट्विशा को कथित तौर पर दहेज के लिए परेशान किया गया था और पिछले सप्ताह भोपाल में उनकी मौत हो गई थी. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को उनके परिवार को यह आश्वासन दिया.
ट्विशा के परिवार के सदस्य राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री यादव से मिले और उनकी मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की.
33 वर्षीय ट्विशा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में फांसी पर लटकी मिली थीं.
मुख्यमंत्री ने ट्विशा के परिवार से मुलाकात के दौरान उन्हें राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया. यह जानकारी एक आधिकारिक बयान में दी गई.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को पत्र लिखेंगे और इस मामले की जांच अपने हाथ में लेने का आग्रह करेंगे. बयान में यह भी कहा गया.
पुलिस ने ट्विशा के पति, वकील समर्थ सिंह, और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह, के खिलाफ दहेज मौत और उत्पीड़न से जुड़ी धाराओं में FIR दर्ज की है.
भोपाल की एक अदालत ने समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जबकि उनकी मां को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है.
दहेज उत्पीड़न, शारीरिक हमला और सबूत मिटाने के आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) बनाया गया है.
ट्विशा के परिवार ने पहले जांच में लापरवाही के आरोप लगाए थे. उनका कहना था कि ट्विशा की मौत के तीन दिन बाद FIR दर्ज की गई.
पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी तक पहुंचाने वाली सूचना देने पर 10,000 रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी. वह फरार था. लेकिन उसने शुक्रवार शाम को जिला कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा.
इस खबर को PTI न्यूज एजेंसी से लिया गया है.
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