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Friday, 22 May, 2026
होमरिपोर्टजैव विविधता संरक्षण में मध्यप्रदेश बना अग्रणी, चीता स्टेट के रूप में बढ़ी पहचान

जैव विविधता संरक्षण में मध्यप्रदेश बना अग्रणी, चीता स्टेट के रूप में बढ़ी पहचान

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वन्यजीव संरक्षण, जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को बताया ऐतिहासिक

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नई दिल्ली: भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर आयोजित इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस प्री-समिट कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज जैव विविधता और जल संरक्षण के क्षेत्र में देश में अग्रणी बन चुका है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के प्रयासों से प्रदेश को “चीता स्टेट” का गौरव मिला है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों की सफल पुनर्स्थापना विश्व स्तर पर वन्यजीव संरक्षण का उदाहरण बनी है. प्रदेश में 100 साल बाद जंगली भैंसों की वापसी हुई है तथा गिद्ध, घड़ियाल और दुर्लभ कछुओं के संरक्षण पर भी विशेष कार्य किया गया है. उन्होंने कहा कि राज्य में किंग कोबरा और गैंडा लाने की तैयारी भी चल रही है.

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भोपाल गैस त्रासदी के अपशिष्ट के पूर्ण निष्पादन के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की. उन्होंने कहा कि जैव विविधता मानव जीवन और अर्थव्यवस्था की आधारशिला है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि जल संरक्षण महाअभियान के तहत प्रदेश में 56 हजार जल स्रोतों का पुनर्जीवन किया गया है तथा इसमें 18 लाख लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है.

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