(तस्वीरों के साथ)
रानीपेट/तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु), 18 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण विधेयक पर देश से “झूठ” बोला, जिसका इस्तेमाल उन्होंने परिसीमन को छिपाने और देश के चुनावी मानचित्र को फिर से तैयार करने तथा “असम और जम्मू-कश्मीर मॉडल” को दोहराने के लिए एक आवरण के रूप में किया।
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपना अभियान शुरू करते हुए गांधी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक दल अन्नाद्रमुक पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक तो सिर्फ एक मुखौटा है और भाजपा तमिलनाडु में एक ऐसे मुख्यमंत्री को सत्ता में लाना चाहती है जो राज्य को “बेच” दे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हर बात माने।
गांधी ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी अन्नाद्रमुक के नेता भ्रष्टाचार के कारण दबाव में हैं।
राज्य के तिरुचिरापल्ली में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी हर कीमत पर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन को मुख्यमंत्री पद से हटाकर उनकी जगह एक “कठपुतली” को नियुक्त करना चाहती है।
गांधी की यह रैली 23 अप्रैल को होने वाले चुनावों के लिए राज्य में उनके एक दिवसीय चुनाव अभियान की तीसरी और अंतिम रैली थी।
उन्होंने कहा कि सभी को पता था कि तमिलनाडु के साथ उनका रिश्ता राजनीतिक नहीं बल्कि आपसी सम्मान, प्रेम और स्नेह का है। उन्होंने कहा कि राज्य के साथ उनके संबंध बहुत पुराने हैं और लोगों ने उनके प्रति वही गर्मजोशी और स्नेह दिखाया जो उन्होंने उनकी दादी इंदिरा गांधी और पिता राजीव गांधी के प्रति दिखाया था।
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने वादा किया कि लोगों को बस उन्हें बताना होगा कि क्या करने की जरूरत है और वे उसे कर देंगे। उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि आप जान लें कि मैं तमिलनाडु और तमिल लोगों के हितों की रक्षा करूंगा। मैं दिल्ली में आपका सिपाही हूं। दिल्ली में तमिलनाडु को जो भी जरूरत होगी, मैं उसके लिए लड़ूंगा।”
उन्होंने कहा, “इस देश, अपनी परंपरा, संस्कृति और भाषा के लिए आपने जो कुछ किया है, उसे लेकर मुझे आप पर गर्व है। इस चुनाव में याद रखें कि हम भाजपा-आरएसएस को राज्य से बाहर रखने के लिए लड़ रहे हैं।” इससे पहले उन्होंने उत्तरी तमिलनाडु के रानीपेट और पोन्नेरी में चुनावी रैलियों को संबोधित किया था।
गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक के पीछे देश के चुनावी मानचित्र को बदलने और राज्यों को कमजोर करने के प्रयास के “शैतानी विचार” का आरोप लगाया और इस प्रयास की तुलना “राष्ट्र-विरोधी कृत्य” से की तथा कहा कि यह राज्यों के संघ के खिलाफ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने असम और जम्मू-कश्मीर के चुनावी मानचित्र को बदल दिया है और उनका इरादा देश के बाकी हिस्सों में भी ऐसा ही करने का है।
चेन्नई से लगभग 120 किलोमीटर दूर स्थित रानीपेट में, गांधी ने संविधान संशोधन विधेयक पर बात की। यह विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पारित नहीं हो सका।
उन्होंने आरोप लगाया, “कल आपने देखा होगा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह संसद में क्या करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने देश से झूठ बोला, उन्होंने कहा कि वे महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए एक विधेयक पारित करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उस विधेयक के पीछे एक शैतानी विचार था।”
गांधी ने आरोप लगाया, “वे प्रत्येक राज्य को मिलने वाली सीटों की संख्या बदलना चाहते थे। वे दक्षिण भारतीय राज्यों को कमजोर करना चाहते थे, उत्तर पूर्वी राज्यों को कमजोर करना चाहते थे और छोटे राज्यों को कमजोर करना चाहते थे…भाजपा कल जो करने की कोशिश कर रही थी वह राष्ट्रविरोधी कृत्य था और राज्यों के संघ के विरुद्ध था।”
पूरा विपक्ष चट्टान की तरह खड़ा रहा और भाजपा के “नापाक मंसूबों” को नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा भारत की लोकतांत्रिक नींव पर हमला कर रही है और परिसीमन को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
गांधी ने आरोप लगाया, “उन्होंने असम और जम्मू-कश्मीर का चुनावी नक्शा बदल दिया है और वे बाकी देश के साथ भी ऐसा ही करना चाहते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य आपके (तमिल) इतिहास, संस्कृति, भाषा और परंपरा पर हमला करना है।”
उन्होंने कहा कि लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी को संविधान पर “हमला” करते हुए पहले ही देख लिया है।
उन्होंने कहा, “संविधान में स्पष्ट रूप से लिखा है कि भारत राज्यों का संघ है। इसका अर्थ है कि प्रत्येक राज्य को अपनी बात रखने का अधिकार है।”
विपक्ष के नेता ने कहा कि विधानसभा चुनाव भाजपा-आरएसएस को तमिलनाडु पर कब्जा करने से रोकने के लिए है।
कांग्रेस सत्तारूढ़ द्रमुक के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन का हिस्सा है और 28 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर भारतीय संविधान को कमजोर करने और राज्य पर कब्जा करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा “नियंत्रित” किया जा रहा है और प्रधानमंत्री अन्नाद्रमुक को सत्ता में लाना चाहते हैं ताकि वह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को नियंत्रित कर सकें।
उन्होंने कहा, ‘‘आज अगर डोनाल्ड ट्रंप मोदी को कूदने को कहें, तो मोदी कूद जाते हैं। अगर डोनाल्ड ट्रंप मोदी को लेटने को कहें, तो मोदी लेट जाते हैं। क्यों? क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप का मोदी पर पूरी तरह नियंत्रण है। वे उन्हें कैसे नियंत्रित करते हैं? वह एप्स्टीन फाइलों के जरिए नियंत्रित करते हैं। वह उन्हें नियंत्रित करते हैं, क्योंकि उन्हें मोदी की वित्तीय व्यवस्था का पता है और वह अदाणी के साथ मोदी के संबंधों को समझते हैं।’’
केंद्र सरकार ने जेफरी एप्स्टीन मामले की नवीनतम फाइलों में प्रधानमंत्री मोदी के संदर्भों को खारिज करते हुए इसे “एक दोषी अपराधी के तुच्छ चिंतन से अधिक कुछ नहीं बताया, जिसे अत्यंत तिरस्कार के साथ खारिज कर दिया जाना चाहिए”।
रैली में गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जानते हैं कि वह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को नियंत्रित नहीं कर सकते या दबाव नहीं डाल सकते, क्योंकि वह स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि मोदी इसलिए चाहते हैं कि अन्नाद्रमुक सत्ता में आए, ताकि वह राज्य पर अपना नियंत्रण स्थापित कर सकें।
राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का नेतृत्व करने वाले अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी की ओर परोक्ष रूप से इशारा करते हुए दावा किया, “वह जानते हैं कि स्टालिन स्वतंत्र हैं और उन पर दबाव नहीं डाला जा सकता। इसीलिए वह स्टालिन को हटाकर किसी ऐसे व्यक्ति को नियुक्त करना चाहते हैं जिसे वह नियंत्रित कर सकें।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री चाहे जो भी सपने देखते रहें, लेकिन चुनाव परिणाम घोषित होने के दिन उन्हें वास्तविकता का पता चल ही जाएगा।
गांधी ने कहा, “तमिलनाडु में द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन को भारी जीत मिलने वाली है और मोदी एवं (केंद्रीय गृह मंत्री अमित) शाह राज्य की जनता की ताकत और इच्छाशक्ति को समझेंगे।”
भाषा प्रशांत नेत्रपाल
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