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Friday, 30 October, 2026
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PNB ग्रेटर नोएडा शाखा में ‘गायब’ पैसे: विरोध और जांच के बीच बैंक ने माना ‘गड़बड़ी’ हुई

पंजाब नेशनल बैंक ने शुक्रवार को अपने बयान में यह भी बताया कि अब तक 43 लाख रुपये के तीन दावों का निपटारा किया जा चुका है.

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नई दिल्ली: कई लोगों, खासकर जेवर एयरपोर्ट के कंस्ट्रक्शन के लिए अपनी ज़मीन बेचने वाले किसानों के ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक ब्रांच में उनके “बैंक अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट” “खाली” होने का आरोप लगाने के तीन दिन बाद, बैंक ने ऑफिशियली “फाइनेंशियल गड़बड़ियों” को माना है और कहा है कि तीन क्लेम सेटल कर दिए गए हैं.

पंजाब नेशनल बैंक ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि उसने ग्रेटर नोएडा शाखा में कुछ ग्राहकों के फिक्स्ड और सेविंग बैंक डिपॉजिट खातों से जुड़ी “कथित वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया है.”

बैंक ने कहा, “इस मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जा रही है और बैंक संबंधित अधिकारियों को पूरा सहयोग दे रहा है. बैंक तथ्यों की जांच करने, सामने आई गड़बड़ियों की सीमा का पता लगाने और प्रभावित ग्राहकों की चिंताओं को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है.”

पीएनबी ने यह भी साफ किया है कि अब तक 43 लाख रुपये के तीन दावों का निपटारा किया जा चुका है.

पीएनबी के बयान में कहा गया, “बैंक अपने ग्राहकों को भरोसा दिलाता है कि सभी सही दावों का भुगतान किया जाएगा.” बैंक ने यह भी कहा कि धोखाधड़ी, वित्तीय गड़बड़ी और गलत कामों को लेकर उसकी नीति जीरो टॉलरेंस की है. जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ लागू नियमों और प्रक्रियाओं के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी.

बैंक ने कहा, “बैंक ग्राहकों के हितों की रक्षा करने, कामकाज में सबसे ऊंचे स्तर की ईमानदारी बनाए रखने और अपनी आंतरिक जांच और निगरानी व्यवस्था को लगातार मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है. इसका मकसद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकना है.”

इस हफ्ते कम से कम 28 लोग, जिनमें ज्यादातर किसान हैं, गौतम बुद्ध नगर पुलिस के पास पहुंचे. उन्होंने आरोप लगाया कि कई सालों की उनकी लाखों और करोड़ों रुपये की बचत अचानक गायब हो गई. उनका कहना था कि उन्हें इसके बारे में कोई एसएमएस या किसी तरह का दूसरा अलर्ट नहीं मिला था. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए थे. उन्हें पैसे गायब होने का पता तब चला, जब उन्होंने अपने लेन-देन का रिकॉर्ड देखा.

बुधवार को बीटा-02 थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) के तहत अज्ञात बैंक कर्मचारियों के खिलाफ विश्वासघात के आरोप में एफआईआर दर्ज होने के बाद गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने जांच शुरू की.

पुलिस यह जांच कर रही है कि बैंक से पैसे चोरी हुए, किसी दूसरी गड़बड़ी के कारण पैसे गायब हुए या फिर पैसे निकाल लिए गए.

विरोध प्रदर्शन जारी

पीड़ित किसान पिछले चार दिनों से ग्रेटर नोएडा की पीएनबी शाखा के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनमें से ज्यादातर ने घर बनाने या अपने बच्चों की शादी के लिए पैसे बचाकर रखे थे. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच शुरू हो गई है.

किसानों ने दिप्रिंट को बताया कि वे अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे. इसी बीच और किसान भी अपनी शिकायतें लेकर सामने आ रहे हैं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बुधवार को दिप्रिंट को बताया था कि उस समय तक करीब 18 लोग सामने आए थे और उन्होंने 16 करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही थी. अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को 10 और लोग सामने आए और उन्होंने 4 करोड़ रुपये के नुकसान की जानकारी दी.

एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया कि पुलिस अभी सबूत जुटा रही है. अधिकारी ने कहा, “और लोग सामने आ रहे हैं और बता रहे हैं कि उनके पैसे गायब हो गए हैं. बैंक भी मामले की जांच कर रहा है.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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