नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से राज्य की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी बची हुई चिंताओं को दूर करने की अपील की.
उन्होंने लिखा, “मैं सुझाव देने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं कि आप प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मिलें. इससे उनकी बची हुई चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी.”
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि संविधान में दिए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण आधार माना गया है.
LoP Lok Sabha Rahul Gandhi writes to Jharkhand CM Hemant Soren on the student protests in Ranchi, suggesting he personally meet the protesting students to "reinforce" Jharkhand govt's commitment to resolve their concerns. pic.twitter.com/oHfARkUqCs
— ANI (@ANI) August 17, 2026
उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी का मानना है कि भारत के संविधान में दिया गया शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार हमारे लोकतंत्र के मुख्य आधारों में से एक है. इसलिए, पिछले कुछ महीनों से पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हमने अपना पूरा समर्थन दिया है. हमारा यह भी मानना है कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था पर RSS और BJP का कब्जा हो गया है और इसे छात्रों के शोषण और दमन के एक साधन में बदल दिया गया है. यह अब वह मजबूत ज्ञान व्यवस्था नहीं रह गई है, जो एक दशक पहले हुआ करती थी.”
उन्होंने आगे कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, झारखंड में भी छात्र राज्य की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और उनकी मांगें जायज हैं. मैं इस बात की सराहना करता हूं कि झारखंड सरकार ने आपके द्वारा बनाई गई समिति के जरिए उनसे बातचीत शुरू की है. मेरा मानना है कि छात्रों की कई मांगों पर सहमति भी बनी है. हालांकि, प्रदर्शन जारी है और कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. भारत का युवा उसका भविष्य है. इस संकट के समय हमें उनके साथ खड़ा होना और उनका समर्थन करना चाहिए. कृपया उनकी बात सुनने और इस मुद्दे को हल करने के लिए उचित कदम उठाने की पूरी कोशिश करें.”
रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्रों का प्रदर्शन लगातार 24वें दिन भी जारी रहा. छात्र झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से कराई गई परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.
झारखंड के छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सोमवार को राज्य सरकार के साथ बातचीत के नए दौर से पहले “उम्मीद और भरोसे” की बात कही. उन्होंने कहा कि अगर सरकार छात्रों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती है तो “संघर्ष जारी रहेगा.”
सरकार की ओर से बातचीत के लिए बुलाए जाने और छात्रों को कानूनी विशेषज्ञों को साथ लाने की अनुमति देने के फैसले पर महतो ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बातचीत से ऐसा समाधान निकलेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए निष्पक्ष शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो सके.
उन्होंने कहा, “उम्मीद और भरोसा है. लेकिन अगर सरकार इस पर खरी नहीं उतरती है तो संघर्ष जारी रहेगा. मुझे उम्मीद है कि बातचीत से छात्र संतुष्ट होंगे और हम ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियों के लिए, जो अभी पहली, दूसरी, तीसरी कक्षा में हैं, स्कूल में हैं या +2 में हैं, जब वे प्रतियोगी परीक्षाओं का सामना करें तो उन्हें इस तरह के संघर्ष से न गुजरना पड़े.”
छात्र नेता ने यह भी कहा कि अगर बातचीत से संतोषजनक नतीजा नहीं निकला तो 20 अगस्त को प्रस्तावित प्रदर्शन, जिसमें मुख्यमंत्री आवास और विधानसभा का घेराव शामिल है, तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा.