नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने घोषणा की है कि वह इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के यूजीसी-नेट पेपर दोबारा कराएगी. इन विषयों के प्रश्नपत्रों में कई गलतियां पाई गई थीं. इससे प्रतियोगी परीक्षाओं को संभालने के तरीके को लेकर एनटीए की बढ़ती आलोचना और बढ़ गई है.
इंग्लिश और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर को दोबारा होगी, जबकि सोशियोलॉजी की परीक्षा 10 सितंबर को होगी.
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) का आयोजन सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति के लिए पात्रता, पीएचडी कोर्स में दाखिले और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) देने के लिए किया जाता है.
यह नया विवाद कुछ महीने बाद सामने आया है, जब पेपर लीक होने के बाद एनटीए ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी. इसके बाद पूरे देश में प्रदर्शन हुए और एजेंसी पर लोगों की कड़ी नज़र हो गई. इन प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र दिल्ली का जंतर-मंतर था. आखिरकार इन प्रदर्शनों के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था.
यूजीसी-नेट 2026 परीक्षा जून में 87 विषयों में हुई थी. एनटीए को पहले ही आंसर की जारी करने में देरी को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा था. आंसर की आखिरकार रविवार को जारी की गई.
एनटीए के एक बयान के अनुसार, उसे इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के पेपरों में कई गलतियों को लेकर कई शिकायतें मिली थीं. इसके बाद इन शिकायतों की जांच के लिए एक समिति बनाई गई.
एजेंसी ने कहा, “समिति ने पाया कि इन तीनों पेपरों में कई तरह की तथ्यात्मक, टाइपिंग और ट्रांसलेशन से जुड़ी गलतियां थीं. इनमें प्रमुख विद्वानों के नामों की गलत स्पेलिंग, किताबों के नामों में गड़बड़ी, सवालों के मुख्य हिस्से को लिखने में गलतियां, व्याकरण की गलतियां, जेंडर और वचन से जुड़ी गलतियां, विराम चिह्नों की गलतियां और पहले से मौजूद अवधारणाओं के लिए गैर-मानक बनाए गए शब्द शामिल थे. इसके अलावा, पहले पूछे जा चुके काफी संख्या में सवाल भी दोबारा पूछे गए थे.”
“समिति ने सिफारिश की कि निष्पक्ष और गलतियों से मुक्त परीक्षा कराने के हित में इन तीनों पेपरों की परीक्षा दोबारा कराई जानी चाहिए.”
उम्मीदवारों के अनुसार, सोशियोलॉजी के पेपर में स्पेलिंग की कई गलतियां थीं. इनमें “Ritzer” को “Putzer”, “social” को “oval” और “Nussbaum” को “Nusbaut” लिखा गया था. इसके अलावा भी कई गलतियां थीं. इसी तरह, इंग्लिश और कॉमर्स के उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि कई सवाल पिछले प्रश्नपत्रों से दोबारा पूछे गए थे.
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