पुणे, सात नवंबर (भाषा) प्रसिद्ध मृदंगम वादक श्रीधर पार्थसारथी (54) का शुक्रवार सुबह पुणे में दीपावली संगीत समारोह के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।
कर्नाटक शास्त्रीय संगीत के प्रतिष्ठित तालवादक पार्थसारथी करीब एक घंटे से ‘दीपावली पहाट’ (दीपावली की सुबह) कार्यक्रम में प्रस्तुति दे रहे थे।
इसी दौरान छह नवंबर को सुबह करीब सात बजे वह अचानक मंच पर गिर पड़े।
दर्शकों के बीच मौजूद कई चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल सहायता देने की कोशिश की, इसके बाद उन्हें हृदय संबंधी आपातकालीन एंबुलेंस से मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) दिया।
बानेर थाने के वरिष्ठ निरीक्षक चंद्रशेखर सावंत ने यह जानकारी दी।
सावंत ने बताया कि उन्हें बचाया नहीं जा सका और अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
संगीतकार एवं गायक शंकर महादेवन ने पार्थसारथी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें बेहतरीन तालवादकों में से एक और असाधारण संगीतकार बताया। महादेवन ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट में कहा कि करीब 40 साल पहले उनके पहले कर्नाटक शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम में पार्थसारथी ने साथ दिया था।
महादेवन ने कहा, “मुझे अब भी इस पर यकीन नहीं हो रहा है। यह मेरे और संगीत जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है।”
उन्होंने पार्थसारथी को अपना प्रिय मित्र बताते हुए कहा कि दोनों ने संगीत, हास-परिहास और हंसी के अनगिनत पल साथ बिताए थे।
महादेवन ने कहा कि अपने मित्र के निधन की परिस्थितियों से वह विशेष रूप से व्यथित हैं। उन्होंने कहा, “क्या आप कल्पना कर सकते हैं? इस दुनिया से विदा लेने का कैसा अनोखा तरीका है!”
भाषा जितेंद्र माधव
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