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Saturday, 7 November, 2026
होमविदेशPOK में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तान की कार्रवाई में 7 की मौत, ड्रोन हमलों का भी आरोप

POK में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तान की कार्रवाई में 7 की मौत, ड्रोन हमलों का भी आरोप

POK में जून 2026 से विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं. प्रदर्शनकारी अन्य मांगों के साथ-साथ बिजली और गेहूं की कीमतों में कमी, बेहतर स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा, तथा रोजगार की मांग कर रहे हैं.

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नई दिल्ली: पाकिस्तान सरकार ने इस हफ्ते पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक बार फिर कार्रवाई शुरू की है. कई लोगों ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों पर ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. गुरुवार को हुए ताजा हमलों में सात लोगों की मौत हो गई और करीब 23 लोग घायल हो गए.

गुरुवार को पाकिस्तान रेंजर्स, फ्रंटियर कोर और स्थानीय पुलिस के जवानों ने जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की ओर से लगाए गए धरनों को खत्म कराने के लिए कार्रवाई की. यह स्थानीय स्तर पर बना संगठन है, जो PoK में कई महीनों से सरकार विरोधी प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहा है.

आरोप हैं कि इस कार्रवाई के दौरान हथियारों से लैस ड्रोन तैनात किए गए थे. कुछ प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर RPG-7 रॉकेट दागे गए.

इस इलाके में जून 2026 से प्रदर्शन जारी हैं. इनकी अगुवाई JAAC कर रही है, जिस पर पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया गया है. कमेटी ने अपनी 38 मांगों का एक दस्तावेज पेश किया है. इसमें बिजली और गेहूं की कीमतें कम करने, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा में सुधार, रोजगार के ज्यादा मौके देने और राजनीतिक स्वायत्तता की मांग की गई है. इसके अलावा, इलाके की विधानसभा में आरक्षित 12 सीटें खत्म करने की मांग भी शामिल है.

जून की शुरुआत से इन प्रदर्शनों के सिलसिले में 150 से ज्यादा लोगों की मौत होने की खबर है. इस दौरान जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग, लोगों को जबरन गायब करने और संचार सेवाएं बंद करने के आरोप भी बार-बार लगे हैं.

गुरुवार की कार्रवाई के बाद इलाके में प्रदर्शन और तेज हो गए.

घरों में लगी आग

कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में इलाके के मटियालमेरा बस टर्मिनल और उमर फारूक चौक के पास प्रदर्शन स्थलों के नजदीक घरों में आग लगी दिखाई दी. JAAC के नेता सरदार उमर नजीर ने कुछ चीजों के टुकड़े दिखाए, जिन्हें उन्होंने रिहायशी इमारतों और प्रदर्शन शिविरों पर कथित ड्रोन हमलों के बाद मिले बम के टुकड़े बताया.

X पर प्रसारित वीडियो और चश्मदीदों के बयानों में रावलाकोट के हालात तनावपूर्ण बताए गए. स्थानीय पत्रकारों ने आरोप लगाया कि बस टर्मिनल के पास पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की गोलीबारी में एक युवक और एक महिला की मौत हो गई. इन खबरों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.

ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान (HRCP) ने रावलाकोट में ताजा हिंसा की खबरों पर चिंता जताई. उसने कहा कि प्रदर्शनकारियों और कानून लागू करने वाले सुरक्षाकर्मियों, दोनों के हताहत होने के आरोप सामने आए हैं.

X पर जारी एक बयान में आयोग ने PoK में अगस्त में किए गए अपने तथ्यों की जांच से जुड़े दौरे का जिक्र किया. उसने केंद्र और स्थानीय सरकारों से हालात को और बिगड़ने से रोकने और लोगों की शिकायतों का हल निकालने के लिए सार्थक बातचीत शुरू करने की अपील की.

JAAC के वरिष्ठ नेता उमर नजीर ने कहा कि “पाकिस्तानी मीडिया, पाकिस्तानी संस्थानों, सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को इस दुनिया और परलोक में इसका जवाब देना होगा.”

उन्होंने कहा, “आज आपने बुनियादी अधिकारों की मांग करने वाले निहत्थे नागरिकों को आतंकवादी घोषित कर दिया है और अपने प्रशासन वाले कश्मीर में उनका सामूहिक नरसंहार किया है. वे लोग साफ पीने का पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और अपनी जमीन पर मालिकाना हक और शासन में भागीदारी मांग रहे थे. आपने करीब 100 युवाओं को शहीद कर दिया है. आपको दुनिया के देशों को इसका जवाब देना होगा.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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