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Tuesday, 27 October, 2026
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निर्माण परियोजनाओं को पानी देना रोके महाराष्ट्र सरकार, किसानों की सहायता बढ़ाए: राकांपा (शप)

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मुंबई, 25 अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने महाराष्ट्र सरकार से सूखे की स्थिति को देखते हुए निर्माण परियोजनाओं को पानी की आपूर्ति रोकने और प्रभावित किसानों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाकर दिवाली से पहले 25,000 रुपये करने की अपील की है।

पार्टी ने यह भी दावा किया कि यदि निर्वाचन आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ एक नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की रैली के कारण दिल्ली के व्यापारियों को नुकसान होता है, तो इसके लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिम्मेदार होगी।

राकांपा (शप) के नेताओं जितेंद्र आव्हाड और शशिकांत शिंदे ने रविवार को संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि पानी के आवंटन संबंधी नियमों की अनदेखी की जा रही है और बांधों से पानी छोड़ने के फैसले राजनीतिक दबाव में लिए जा रहे हैं।

राकांपा (शप) के अध्यक्ष शरद पवार ने यहां यशवंतराव चव्हाण केंद्र में पार्टी की कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति की समीक्षा की गई। राज्य सरकार ने 358 में से 305 तालुकाओं में सूखा घोषित किया है, जो राज्य के कुल तालुकाओं का 85 प्रतिशत है।

पवार ने पार्टी के सांसदों, विधायकों और अन्य नेताओं से स्थिति का जायजा लिया। बैठक में सूखे से निपटने के लिए जरूरी अतिरिक्त उपायों, आने वाले महीनों में पैदा होने वाली चुनौतियों और उनसे निपटने के लिए आवश्यक योजना पर चर्चा की गई।

निर्माण परियोजनाओं के लिए पानी का आवंटन तत्काल रोकने की मांग करते हुए आव्हाड ने कहा कि व्यावसायिक हितों के बजाय आम नागरिकों और किसानों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, “अगर बिल्डरों को छह महीने या एक साल तक पानी नहीं मिलता है, तो क्या उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान होगा? बिल्डरों के मुनाफे के लिए गरीब लोगों को घर में बर्तन धोने तक के लिए पानी नहीं मिल रहा है। यह सही नहीं है। लोगों की जरूरतों का ध्यान सबसे पहले रखा जाना चाहिए।”

उन्होंने मुंबई और ठाणे में निर्माण कार्यों के लिए पानी की आपूर्ति रोकने की विशेष रूप से मांग की।

शशिकांत शिंदे ने आरोप लगाया कि पानी वितरण समितियों को दरकिनार किया जा रहा है और बांधों से पानी छोड़ने के फैसले राजनीतिक दबाव में लिए जा रहे हैं।

राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक किसान को घोषित 5,000 रुपये की सहायता को अपर्याप्त बताते हुए शिंदे ने इसे बढ़ाकर कम से कम 25,000 रुपये करने और दिवाली से पहले वितरित करने की मांग की।

इस बीच, राकांपा (शप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए दावा किया कि एक नवंबर को ‘इंडिया’ गठबंधन की प्रस्तावित रैली के कारण दिल्ली के व्यापारियों को होने वाले संभावित नुकसान के लिए भाजपा जिम्मेदार होगी।

क्रास्टो ने एक बयान में कहा कि चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) को ‘इंडिया’ गठबंधन से रैली स्थगित करने की मांग करने के बजाय भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगने और मतदाता सूचियों से हटाए गए सभी पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने के लिए कहना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि देश में मतदाता सूचियों से 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं। क्रास्टो ने आरोप लगाया कि भाजपा ने लोगों के मतदान के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को “छीन लिया” है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ होता, तो शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की जरूरत नहीं पड़ती।

सीटीआई ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से आग्रह किया है कि वह दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली ‘इंडिया’ गठबंधन की रैली को 10 नवंबर के बाद तक स्थगित कर दें।

भाषा रवि कांत प्रशांत

प्रशांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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