नई दिल्ली: विशेष संसद सत्र के अंतिम दिन शनिवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों को अनिश्चितकाल (साइन डाई) के लिए स्थगित कर दिया गया. इसके साथ ही संसद का बजट सत्र समाप्त हो गया.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही समाप्त करते हुए बजट सत्र के समापन की घोषणा की. वहीं राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कुछ देर बाद उच्च सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.
राज्यसभा के सभापति ने अपने समापन संबोधन में कहा कि सदन के 270वें सत्र के साथ ही संसद का बजट सत्र खत्म हो गया है. उन्होंने सदस्यों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इससे सदन की बहसें और समृद्ध हुईं.
उन्होंने कहा कि तीनों संसदीय सत्रों में बजट सत्र सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह सबसे लंबा होता है और इसमें बजट, नीतियां और प्राथमिकताएं तय होती हैं, जिनका सीधा असर देश के विकास और लोगों की जिंदगी पर पड़ता है.
सभापति ने बताया कि सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चार दिन की चर्चा से हुई, जिसमें 79 सदस्यों ने भाग लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब से कई मुद्दों पर स्पष्टता मिली.
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 पर चार दिन तक व्यापक चर्चा हुई, जिसमें 97 सदस्य शामिल हुए. इसके अलावा, सदन ने दो प्रमुख मंत्रालयों के कामकाज पर भी विस्तार से चर्चा की.
सत्र के दौरान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर और विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर स्वयं बयान दिए. प्रधानमंत्री ने भी पश्चिम एशिया संघर्ष पर बयान दिया, जिसमें भारत की ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय एकजुटता की जरूरत पर जोर दिया गया.
सभापति ने बताया कि सत्र के दौरान 50 निजी विधेयक पेश किए गए. सदस्यों ने संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 12 क्षेत्रीय भाषाओं में 94 बार अपनी बात रखी.
उन्होंने कहा कि सदन कुल 157 घंटे 40 मिनट चला और इसकी उत्पादकता 109.87 प्रतिशत रही. इस दौरान 117 प्रश्नों पर चर्चा हुई, 446 शून्यकाल उल्लेख और 207 विशेष उल्लेख किए गए.
सभापति ने यह भी बताया कि हरिवंश नारायण सिंह तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए, जिस पर प्रधानमंत्री और सभी दलों के नेताओं ने उन्हें बधाई दी.
उन्होंने उपसभापति, उपसभापतियों के पैनल, सदन के नेता, विपक्ष के नेता, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू , सभी दलों के नेताओं और सदस्यों का सहयोग के लिए धन्यवाद किया. साथ ही संसद के कर्मचारियों और मीडिया की भी सराहना की.
इस बीच, दोनों सदनों के स्थगित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने कार्यालय में सांसदों से मुलाकात की.
इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा और केसी वेणुगोपाल समेत कई सांसद मौजूद रहे.
इससे पहले, महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने वाले विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया था. यह विधेयक लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका, जिसमें 298 सदस्यों ने समर्थन में और 230 ने विरोध में वोट किया.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घोषणा की कि संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हुआ है. इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इससे जुड़े बाकी दो विधेयकों को आगे नहीं बढ़ाएगी.
भाजपा ने विपक्षी दलों पर संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले ऐतिहासिक सुधार को रोकने का आरोप लगाया.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, टीएमसी और अन्य दलों ने बिल को पास नहीं होने दिया और इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने की चेतावनी दी.
वहीं, विपक्ष का कहना है कि वह महिला आरक्षण का समर्थन करता है, लेकिन इसे परिसीमन और जनगणना से जोड़ने का विरोध करता है. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस बिल को चुनावी ढांचे में बदलाव की कोशिश बताया, जबकि कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा बताया.