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Tuesday, 29 September, 2026
होमदेश‘महिलाओं को घर में बंद करना समाधान नहीं’, DU छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में राहुल गांधी

‘महिलाओं को घर में बंद करना समाधान नहीं’, DU छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में राहुल गांधी

राहुल गांधी ने Gen Z की युवा महिलाओं से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की. दिल्ली में 17 साल की लड़की से कथित गैंगरेप के बाद DU के छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.

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नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को महिलाओं की सुरक्षा की मांग को लेकर दिल्ली के छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया. उन्होंने खास तौर पर Gen Z की युवा महिलाओं से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की.

कांग्रेस नेता ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के लिए उन पर पाबंदियां नहीं लगाई जानी चाहिए. उन्होंने सुरक्षित सार्वजनिक जगहों और अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

गांधी ने कहा, “महिलाओं के खिलाफ किए गए अपराधों के लिए उन्हें सजा देना बंद करें. हमारे देश में महिलाएं सड़क पर निकलने से डरती हैं, छेड़छाड़ से डरती हैं, रेप से डरती हैं. और सरकार का जवाब है: घर पर रहो.”

उन्होंने आगे कहा, “यह पितृसत्ता है: एक ऐसी व्यवस्था जो पीड़ित को दोष देती है और अपराधी को बचाती है. अब इसे खत्म करने का समय आ गया है.”

गांधी ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर प्रतिक्रिया का ध्यान सार्वजनिक जगहों को सुरक्षित बनाने और अपराध करने वालों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने पर होना चाहिए.

उन्होंने कहा, “महिलाओं को घर के अंदर बंद करना समाधान नहीं है. समाधान यह है कि हमारी सड़कें सुरक्षित हों, उन पुरुषों की सोच का सामना किया जाए जो महिलाओं के साथ गलत व्यवहार करते हैं और उन पर हमला करने वालों को तेजी से और बिना किसी अपवाद के सजा दी जाए.”

गांधी का यह बयान दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच आया है. ये प्रदर्शन इस महीने की शुरुआत में दक्षिण दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के कथित गैंगरेप के बाद हो रहे हैं.

23 सितंबर को पहला बड़ा प्रदर्शन हुआ था. इसमें दिल्ली यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े संस्थानों के करीब 200 छात्र शामिल हुए थे. इनमें लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वुमन, मिरांडा हाउस, गार्गी कॉलेज और डॉ. बीआर आंबेडकर यूनिवर्सिटी के छात्र भी शामिल थे. छात्रों और शिक्षकों ने कैंपस के आसपास छेड़छाड़, निगरानी और पुलिस की कमी और कॉलेज आने-जाने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी.

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