नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर (भाषा) लिकटेंस्टाइन के युवराज एलोइस व्यापार एवं निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए रविवार से चार दिवसीय भारत यात्रा पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।
मंत्रालय ने बताया कि इस छोटे यूरोपीय देश के शासन प्रमुख युवराज एलोइस के साथ उनकी पत्नी राजकुमारी सोफी और प्रमुख उद्योगपतियों का एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगा।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और युवराज एलोइस के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी जिसमें व्यापार एवं निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार तथा दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होगी।
इसके अलावा, दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
वर्ष 2026 में युवराज एलोइस की यह दूसरी भारत यात्रा होगी। इससे पहले वह फरवरी में ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेने के लिए नयी दिल्ली आए थे। उन्होंने इससे पहले वर्ष 2010 और 2018 में भी भारत की यात्रा की थी।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान युवराज एलोइस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति उनके सम्मान में आधिकारिक रात्रिभोज का आयोजन करेंगी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी युवराज एलोइस से मुलाकात करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘विशेष रूप से 2025 में भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौते (टीईपीए) के लागू होने के बाद से इस यात्रा से भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच बढ़ते संबंधों को और गति मिलने की उम्मीद है।’’
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘यह यात्रा भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और प्रगाढ़ करने तथा आपसी हित के नए क्षेत्रों में साझेदारी विकसित करने का अवसर प्रदान करेगी।’’
करीब 16 वर्षों तक चली बातचीत के बाद भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच मार्च 2024 में टीईपीए पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह समझौता पिछले वर्ष अक्टूबर में लागू हुआ था।
इस व्यापक व्यापार समझौते के तहत ईएफटीए के सदस्य देश आइसलैंड, लिकटेंस्टाइन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने का लक्ष्य रखा है।
भाषा खारी रंजन
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