तिरुवंनतपुरम, चार अगस्त (भाषा) केरल सरकार ने एक अवर सचिव को जेल में बंद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षद को शहर निकाय की बैठकों में शामिल होने के लिए पैरोल देने से जुड़ी फाइल पर कार्यवाही करने के दौरान अनियमितता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई।
तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पार्षद आर. सुगातन को केरल असामाजिक गतिविधि निवारण अधिनियम (कापा) के तहत एहतियान हिरासत में रखा गया है।
आधिकारिक आदेश के मुताबिक स्थानीय स्वशासन विभाग की निलंबित की गईं अवर सचिव डॉ. चित्रा पी. अरुणिमा, केरल प्रशासनिक सेवा (केएएस) की अधिकारी हैं।
अधिकारी को निलंबित करने के लिए सोमवार देर रात जारी आदेश में कहा गया कि उन्होंने कथित तौर पर एक सरकारी फाइल में बिना अनुमति बदलाव किये और अतिरिक्त जानकारी जोड़ी, ताकि सुगातन को ऐसे लाभ मिल सकें जिनके लिए वह कानूनी रूप से पात्र नहीं था।
सरकारी आदेश में आरोप लगाया गया कि केएएस अधिकारी ने हिरासत में लिए गए व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए फाइल में बदलाव करके दुर्भावनापूर्ण इरादे से काम किया और उनके ये कृत्य गंभीर आधिकारिक कदाचार, शक्ति का दुरुपयोग और सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन थे।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वह निलंबित होने वाली पहली केएएस अधिकारी हैं। केएएस की शुरुआत 2018 में हुई थी।
यह कार्रवाई तिरुवनंतपुरम नगर निगम के वाझोट्टुकोनम वार्ड के भाजपा पार्षद सुगातन को छह महीने का पैरोल दिए जाने पर हुए विवाद के बाद की गई है। सुगातन अभी कापा के तहत जेल में बंद है।
भाषा धीरज शोभना
शोभना
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