नई दिल्ली: झारखंड की पहचान सिर्फ खदानों से नहीं, बल्कि लोगों की सोच से भी होनी चाहिए. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यह बात कहते हुए राज्य की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पॉलिसी पेश की. इस पॉलिसी में शासन, खेती और खनिज संसाधनों के प्रशासन में AI को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है.
उन्होंने 8 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कन्वेंशन में विजन 2050 के तहत झारखंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पॉलिसी 2026-31 का ड्राफ्ट जारी किया.
ड्राफ्ट पॉलिसी में शासन, खेती और ग्रामीण आजीविका, स्वास्थ्य और पब्लिक हेल्थ, तथा खनिज संसाधनों के प्रशासन में AI के इस्तेमाल को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है. इसमें कहा गया है कि यह “AI for All” और नीति आयोग के Responsible AI दृष्टिकोण के अनुरूप है.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हेमंत सोरेन ने AI और तकनीक के साथ झारखंड के औद्योगिक विकास का अपना विजन सामने रखा.
उन्होंने कहा, “हमारी पहचान सिर्फ खदानों से नहीं, बल्कि लोगों की सोच से भी होनी चाहिए. हमारी पहचान सिर्फ संसाधनों से नहीं, बल्कि रिसर्च से भी होनी चाहिए. सिर्फ खनन नहीं, नवाचार भी होना चाहिए. और सिर्फ विकास नहीं, बल्कि सभी को साथ लेकर विकास होना चाहिए.”
ड्राफ्ट AI पॉलिसी के तहत मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्रोग्राम (CM-DIP) प्लेटफॉर्म को शासन में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम बताया गया है. इसके जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग, गड़बड़ियों की पहचान और काम में आने वाली रुकावटों को दूर करने का दावा किया गया है, जिससे शासन अधिक प्रभावी होगा.
CM-DIP के साथ हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम (HNVS) और क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (CMAS) जैसी पहल भी शुरू की गई हैं.
शुरुआती चरण में ड्राफ्ट AI पॉलिसी के तहत स्टेट AI मिशन की स्थापना, संस्थागत ढांचा तैयार करने और चुनिंदा क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने पर जोर दिया गया है.
इसके बाद AI के इस्तेमाल को बड़े स्तर पर बढ़ाने, AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का विस्तार करने की योजना है. अंतिम चरण में सभी सरकारी विभागों में AI को पूरी तरह लागू करने, मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम बनाने और शासन व उद्योग में AI के लगातार इस्तेमाल को सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है.
यह कन्वेंशन सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग और पर्यटन विभागों की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था. इसमें भारत और विदेश से उद्योग विशेषज्ञ, नीति निर्माता और विकास साझेदार शामिल हुए.
इस कार्यक्रम में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और केपीएमजी जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे.
AI पॉलिसी के साथ राज्य सरकार ने झारखंड इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी (JIIPP) 2026 और झारखंड टेक्सटाइल्स, अपैरल एंड फुटवियर पॉलिसी 2026 के ड्राफ्ट भी जारी किए. नेशनल स्टेकहोल्डर्स कन्वेंशन के दूसरे दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निवेश, डिजिटल इनोवेशन और राज्य के समग्र विकास को लेकर बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकें भी कीं.
कन्वेंशन के दौरान राज्य सरकार ने विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में 99,000 करोड़ रुपये के कुल 14 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए, ताकि रणनीतिक साझेदारी मजबूत हो और राज्य की आर्थिक वृद्धि तेज हो सके.
इनमें से 10 MoU उद्योग विभाग, 2 सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और 2 पर्यटन विभाग की ओर से किए गए.
विजन 2050 के तहत सरकार का लक्ष्य 50 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करना, 1,000 से ज्यादा AI स्टार्टअप को समर्थन देना और AI आधारित 1 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना है.
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