तिरुवनंतपुरम, 11 सितंबर (भाषा) केरलम के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शुक्रवार को कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन देश की अगली पीढ़ी की वास्तविक तस्वीर पेश नहीं करता। उन्होंने युवाओं में चरित्र निर्माण पर ध्यान देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
यहां मार बेसिलियोस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के रजत जयंती समारोह के तहत आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आर्लेकर ने कहा कि छात्रों को अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन उन्होंने विरोध-प्रदर्शनों के दौरान देश के नेताओं के खिलाफ “अपमानजनक भाषा” के इस्तेमाल पर सवाल उठाया।
आर्लेकर ने कहा, “जंतर-मंतर पर हमने जो देखा, वह हमारी अगली पीढ़ी की वास्तविक तस्वीर नहीं थी। मैं आपकी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने का विरोध नहीं करता—आपको ऐसा करने का पूरा अधिकार है। लेकिन इसका दूसरा पहलू आपकी सांस्कृतिक विरासत, आपके मूल्यों और आपके संस्कारों को दर्शाता है।”
उन्होंने पूछा, “क्या सड़कों पर उतरकर हमारे देश के नेताओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने की वास्तव में कोई जरूरत थी?”
कॉकराच जनता पार्टी (कॉजपा) ने परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं और नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए 20 जून से जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक प्रदर्शन किया। बाद में प्रधान के पद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
आर्लेकर ने कहा कि देश में खेत, खेल के मैदान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा उपलब्ध हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या युवा पीढ़ी के चरित्र निर्माण पर पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है।
भाषा तान्या नरेश
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