नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (भाषा) जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने छात्र संघ के संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति गठित की है। संस्थान के छात्र संघ को 2006 में भंग कर दिया गया था।
छात्र निर्वाचित छात्र प्रतिनिधित्व बहाल करने की मांग को लेकर 12 अक्टूबर से प्रदर्शन कर रहे हैं।
बुधवार को कुलानुशासक कार्यालय द्वारा जारी एक अलग अधिसूचना के अनुसार, 12 अक्टूबर को शाम 5.30 बजे से 21 अक्टूबर के बीच प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।
कुलसचिव कार्यालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, जामिया मिलिया इस्लामिया अधिनियम, 1988 के अनुच्छेद 23 (जे) और (के) के तहत जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ (जेएमआईएसयू) के संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए समिति का गठन किया गया है।
पांच सदस्यीय समिति की अध्यक्षता सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन जुबैर मीनाई करेंगे।
समिति को 20 दिसंबर तक मसौदा सौंपने को कहा गया है।
छात्र प्रतिनिधियों ने फैसलों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी तीन प्रमुख मांगों- 2026-27 के छात्र संघ चुनाव का कार्यक्रम तत्काल घोषित करने, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई वापस लेने और कुलानुशासक तथा सुरक्षा सलाहकार को हटाने- पर ध्यान नहीं दिया गया है।
छात्रों ने कहा कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव की अधिसूचना और कार्यक्रम जारी नहीं करता।
भाषा राखी अविनाश
अविनाश
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