नयी दिल्ली, सात अक्टूबर (भाषा) भारत ने पिछले दो दिन में काला सागर में चार वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की, जिनमें दो भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। इन जहाजों पर कुल 33 भारतीय नागरिक सवार थे।
नयी दिल्ली ने तनाव कम करने और क्षेत्रीय शांति बहाल करने के लिए वार्ता व कूटनीति की अपील दोहराई। साथ ही, इस बात पर जोर दिया कि मुक्त और निर्बाध अंतरराष्ट्रीय आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्यिक पोत परिवहन व नाविकों पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रूस-यूक्रेन संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए दोनों देशों के साथ जारी भारत की बातचीत का जिक्र किया।
उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले में रूस और यूक्रेन, दोनों के साथ हमारी बातचीत जारी है।’’
जायसवाल ने कहा कि भारत काला सागर इलाके में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की निंदा करता है।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमने काला सागर इलाके में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाकर किये गए हमलों की घटनाएं देखी हैं। हम ऐसे हमलों की निंदा करते हैं जो वाणिज्यिक पोत परिवहन के साथ-साथ हमारे नाविकों की जान को खतरा पैदा करते हैं।’’
इन घटनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक पोत एमवी रोयद माम्मदोव पर काला सागर में यात्रा के दौरान हमला हुआ।
जायसवाल ने कहा, ‘‘इस पर तीन भारतीय नागरिक सवार थे। उनमें से एक घायल हो गया था और उसका उपचार किया गया है। रोमानिया में हमारा दूतावास उनकी सुरक्षा के लिए उनके संपर्क में है।’’
उन्होंने बताया कि मंगलवार को टोगो के झंडे वाले जहाज ‘अल्फा वतन’ पर हमला हुआ और उसके चालक दल के सदस्यों के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है।
उन्होंने कहा, ‘‘पलाऊ के झंडे वाले एक और जहाज, एमवी एबल पर ड्रोन से हमला हुआ, लेकिन अच्छी बात यह है कि इसके चालक दल के सभी 18 सदस्यों को बचा लिया गया, जिनमें सात भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। एक भारतीय नागरिक घायल हो गया और उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।’’
जायसवाल ने समय पर मदद के लिए बुल्गारिया के अधिकारियों का धन्यवाद किया और कहा कि बुल्गारिया में भारतीय मिशन नाविकों को हर संभव मदद दे रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘चौथा जहाज, जिस पर हमला हुआ, लाइबेरिया के झंडे वाला एक तेल टैंकर अफ्रामैक्स रियो है। इसके चालक दल के सभी 23 सदस्यों को बचा लिया गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस इलाके में वाणिज्यिक पोत परिवहन और नाविकों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए, और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से मुक्त और निर्बाध आवाजाही तथा व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।’’
रूस-यूक्रेन संघर्ष से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए जायसवाल ने कहा कि भारत का हमेशा से यही मानना रहा है कि बातचीत और कूटनीति ही आगे बढ़ने का रास्ता है।
भाषा सुभाष जोहेब
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