कोलकाता, 18 अप्रैल (भाषा) निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के 152 निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के चुनाव के दौरान स्वतंत्र एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए मतदान केंद्रों पर प्रवेश को विनियमित करने और केवल मतदातओं को ही 100 मीटर के दायरे में जाने सहित कई उपाय किये हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने कहा,‘‘मतदान केंद्रों के पास व्यवस्था बनाए रखने और अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए 100 मीटर की परिधि का चिह्नांकन किया जा रहा है। केवल मतदाताओं को ही अंदर जाने की अनुमति होगी।’’
उन्होंने कहा कि बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) और अन्य सरकारी कर्मचारी इस सीमा के बाहर तैनात रहेंगे, जहां मतदाता दस्तावेजों का प्रारंभिक सत्यापन किया जाएगा।
अधिकारी ने बताया कि प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर, अतिरिक्त जांच की व्यवस्था की जाएगी, जिसके तहत मतदान केंद्र में प्रवेश करने से पहले मतदाता दस्तावेजों का दो अलग-अलग स्थानों पर दोबारा सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि इस उपाय का उद्देश्य फर्जी मतदान को रोकना है।
उन्होंने कहा, ‘‘विचार यह है कि सत्यापन के कई स्तर हों ताकि केवल वास्तविक मतदाता ही अपना वोट डाल सकें।’’
निर्वाचन आयोग ने मतदाता पर्ची वितरण के संबंध में भी निर्देश जारी किए हैं। मतदान कर्मियों (बीएलओ) को घर-घर जाकर पर्ची वितरित करने का निर्देश दिया गया है, जबकि पीठासीन अधिकारी उन मतदाताओं का रिकॉर्ड रखेंगे जिनसे संपर्क नहीं हो सका और इसके कारणों का भी उल्लेख करेंगे।
अधिकारी ने बताया कि मतदान के दिन, यदि कोई मतदाता जिसे पर्ची नहीं मिली है, मतदान केंद्र पर आता है, तो पीठासीन अधिकारी उसे वोट डालने की अनुमति देने से पहले मतदाता सूची में उसके नाम और फोटो का मिलान करके उसकी पहचान सत्यापित करेंगे।
इस बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने दोहराया है कि मतदान के दिन किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि एक ऑनलाइन बैठक में अधिकारियों को किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया और चेतावनी दी गई कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही के कारण प्रभारी अधिकारी को निलंबित किया जा सकता है।
निर्वाचन आयोग ने कहा कि मतदान स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए वह कई स्तरों पर कदम उठा रहा है।
भाषा धीरज रंजन
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