नई दिल्ली: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने कथित नीट-यूजी 2026 पेपर लीक की कड़ी निंदा करते हुए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) और परीक्षा प्रक्रिया से समझौता करने वाले सभी लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
आईएमए ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लिखे पत्र में नीट-यूजी 2026 परीक्षा को लेकर “गहरी चिंता और निराशा” जताई.
संस्था ने कहा कि बड़े स्तर पर पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी, जिससे छात्रों और अभिभावकों में भारी तनाव और अनिश्चितता पैदा हुई है.
पत्र में कहा गया, “हम, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी, नीट-यूजी 2026 परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम को लेकर गहरी चिंता और निराशा व्यक्त करते हैं. बड़े पैमाने पर प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रक्रिया से समझौते के आरोपों ने परीक्षा की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है.”
आईएमए ने कहा कि पिछले चार वर्षों में नीट-यूजी कई बार विवादों में रहा है और दो बार पेपर लीक व अनियमितताओं के कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी.
संस्था के अनुसार इस साल 551 से अधिक शहरों और 5,500 परीक्षा केंद्रों पर करीब 22.5 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी.
आईएमए ने कहा कि बार-बार होने वाले विवादों से छात्रों और उनके परिवारों को “भारी मानसिक तनाव, परेशानी और असुरक्षा” का सामना करना पड़ रहा है.
संस्था ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी शामिल करने की मांग की. साथ ही पेपर लीक रोकने के लिए नीट-यूजी को पूरी तरह ऑनलाइन मोड में कराने की सिफारिश की.
आईएमए ने मामले की विश्वसनीय और तय समय सीमा में सीबीआई जांच, दोषियों को सख्त सजा, रोजाना सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट, एडवांस टेक्नोलॉजी सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावित छात्रों व अभिभावकों के लिए काउंसलिंग सहायता की भी मांग की.
आईएमए ने कहा, “मेडिकल पेशा नैतिकता, भरोसे और विश्वसनीयता पर टिका है. इसलिए भविष्य के डॉक्टरों के चयन की प्रक्रिया में भी यही सिद्धांत लागू होने चाहिए.”
इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की कि नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को कराई जाएगी.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर संवेदनशील है और इस बार किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी.
उन्होंने कहा, “हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है. सरकार उनकी मेहनत और प्रयासों को लेकर संवेदनशील है. इस बार हम किसी भी तरह की धांधली नहीं होने देंगे.”
धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि अगले साल से नीट-यूजी परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) मोड में कराई जाएगी, ताकि पारदर्शिता बढ़े और परीक्षा में गड़बड़ियों को रोका जा सके.
बाद में एनटीए ने भी एक्स पर आधिकारिक पोस्ट जारी कर 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने की पुष्टि की और छात्रों को सिर्फ आधिकारिक सूचना माध्यमों पर भरोसा करने की सलाह दी.
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