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Wednesday, 6 May, 2026
होमदेशजालंधर BSF मुख्यालय के बाहर IED, अमृतसर कैंट के पास छर्रे—पंजाब में हुए दो धमाकों की जांच जारी

जालंधर BSF मुख्यालय के बाहर IED, अमृतसर कैंट के पास छर्रे—पंजाब में हुए दो धमाकों की जांच जारी

कोई मौत नहीं; जालंधर में पहले धमाके में BSF गार्ड को छर्रे लगे, 90 मिनट के अंदर अमृतसर में दूसरा धमाका, मामूली नुकसान.

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नई दिल्ली: पंजाब में मंगलवार शाम दो धमाकों से हड़कंप मच गया. एक धमाका जालंधर में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के ठीक बाहर हुआ, जबकि दूसरा अमृतसर के कैंट एरिया में हुआ. इसके बाद राज्य की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गईं. अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है, लेकिन दो घंटे के अंदर हुए इन धमाकों से सीमा से जुड़े इस संवेदनशील राज्य में डर का माहौल बन गया है.

पहली घटना में, BSF चौक पर जोरदार धमाका हुआ, जिसमें एक स्थानीय डिलीवरी बॉय की यामाहा एक्टिवा स्कूटी जल गई. यह धमाका होने के बाद आग लग गई. इस घटना में ड्यूटी पर तैनात एक BSF जवान को छर्रे लगने से चोट आई.

जालंधर पुलिस की टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) के लोग मौके पर पहुंचे और सैंपल इकट्ठा किए. जालंधर पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने मौके का दौरा करने के बाद कहा कि स्कूटर पर सवार दोनों लोगों, जिनमें मालिक गुरप्रीत सिंह भी शामिल है, से पूछताछ की गई और उनमें कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली. उन्होंने कहा कि धमाके की असली वजह फॉरेंसिक जांच के बाद ही पता चलेगी.

सूत्रों के मुताबिक, यह धमाका इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) से हुआ और यह BSF फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड भी हुआ है.

जालंधर घटना में जली स्कूटी | फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट
जालंधर घटना में जली स्कूटी | फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट

करीब डेढ़ घंटे बाद, अमृतसर के खासा कैंट में भारतीय सेना के कैंप के पास तैनात सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों ने एक और धमाके की आवाज सुनी. इसके बाद पुलिस अधिकारी, जिनमें एसपी (जांच) आदित्य वारियर भी शामिल थे, बॉम्ब डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) टीम के साथ मौके पर पहुंचे.

पंजाब पुलिस के सूत्रों ने बताया कि इस धमाके के छर्रों से कैंप की टिन शीट और दीवार को नुकसान पहुंचा. अधिकारियों ने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह IED या ग्रेनेड से हुआ धमाका था. एक अधिकारी ने कहा, “कुछ देसी ग्रेनेड में भी छर्रे होते हैं, इसलिए यह भी मुमकिन है कि दूर से ग्रेनेड फेंका गया हो.”

सीनियर एसएसपी (अमृतसर ग्रामीण) सुहैल कासिम मीर ने भी कहा कि संभव है कि किसी ने खासा कैंप की ओर कोई चीज फेंकी हो, जिससे यह धमाका हुआ.

पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी गई है और सबसे खराब स्थिति को ध्यान में रखकर जांच हो रही है. इसमें सीमा पार के आतंकी संगठन या राज्य में उनके मददगार भी शामिल हो सकते हैं.

जालंधर और अमृतसर की ये घटनाएं पटियाला जिले में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की रेलवे लाइन को उड़ाने की नाकाम कोशिश के कुछ हफ्तों बाद सामने आई हैं. पंजाब पुलिस की जांच में पता चला था कि जगरोप सिंह नाम का एक व्यक्ति और उसका आतंकी मॉड्यूल रेलवे लाइन पर IED लगाने की कोशिश कर रहा था. हालांकि, डिवाइस समय से पहले ही फट गया, जिससे सिंह की मौत हो गई और पुलिस को अहम सुराग मिले.

पाकिस्तान के साथ 500 किमी से ज्यादा की अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करने वाला पंजाब, गुरदासपुर, अमृतसर और बटाला जैसे बॉर्डर जिलों में सुरक्षा ठिकानों पर हमलों की कई घटनाएं देख चुका है, लेकिन जालंधर में BSF मुख्यालय के बाहर हुआ यह हमला, राष्ट्रीय राजधानी के पास किसी शहर में इस तरह की पहली घटना मानी जा रही है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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