कोलकाता, दो नवंबर (भाषा) आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) प्रमुख हुमायूं कबीर ने सोमवार को कहा कि वह पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर प्रस्तावित मस्जिद वाली जगह पर छह दिसंबर को पांच लाख लोगों को जुटाएंगे और एक राजमार्ग को अवरुद्ध करेंगे।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक शंखराव सरकार ने कहा कि इस कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
साल 1992 में छह दिसंबर की तारीख को अयोध्या में विवादित ढांचा ढहा दिया गया था।
नवादा से विधायक कबीर ने बेलडांगा में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनके समर्थक रेजीनगर और बरहामपुर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-34 (एनएच-34) के हिस्से को अपने नियंत्रण में ले लेंगे। उन्होंने प्रशासन को उन्हें रोककर दिखाने की चुनौती भी दी।
कबीर ने कहा, “बाबरी मस्जिद के बिस्मिल्लाह के दिन मैं राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दूंगा। अगर पुलिस प्रशासन में दम है, तो मुझे रोककर दिखाए। उस दिन रेजीनगर से बरहामपुर तक एनएच-34 का 30 किलोमीटर का हिस्सा मेरे नियंत्रण में होगा। अगर प्रशासन में दम है, तो हमें रोककर दिखाए।”
एजेयूपी प्रमुख ने कहा कि उनके समर्थक कृष्णानगर, डोमकल, जलांगी, सैंथिया, कांडी और बर्धमान-नबद्वीप पुल के पास के इलाकों से भी पहुंचेंगे।
हालांकि, उन्होंने दावा किया कि यह सभा शांतिपूर्ण रहेगी और उनके समर्थक कानून-व्यवस्था का उल्लंघन नहीं करेंगे।
वहीं, रेजीनगर से भाजपा विधायक सरकार ने कबीर पर पलटवार करते हुए कहा कि वह अपनी धमकी को सच करके दिखाएं। उन्होंने कहा कि कबीर को अशांति फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
सरकार ने कहा, “उन्हें (कबीर) कोशिश करने दीजिए। उन्होंने पहले दावा किया था कि उपचुनावों के दौरान 10 लाशें गिरेंगी। खून की एक बूंद भी नहीं बही। वह भूल गए हैं कि सरकार बदल गई है।”
उन्होंने कहा, “अब मुख्यमंत्री और गृह मंत्री शुभेंदु अधिकारी हैं। सड़क अवरुद्ध किए जाने का तो सवाल ही नहीं उठता।”
हालांकि, सरकार ने कहा कि उन्हें मस्जिद बनाए जाने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्होंने इस परियोजना में कबीर की भूमिका पर सवाल उठाए।
भाजपा विधायक ने कहा, “भाजपा को मस्जिद से कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन वह जो करना चाहते हैं, वह नहीं होगा।”
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मस्जिद के नाम को लेकर वह मुस्लिम धर्मगुरुओं से सलाह लेंगे।
सरकार ने कबीर को चेतावनी देते हुए कहा, “आप बूढ़े हो गए हैं। संभलकर चलें-फिरें। आपने देखा था कि छह अक्टूबर (रेजीनगर उपचुनाव की तारीख) को क्या हुआ था; छह दिसंबर को आप फिर वही देखेंगे।”
कबीर ने दावा किया है कि प्रस्तावित मस्जिद लगभग 87 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी। इस दो-मंजिला ढांचे के अंदर 80,000 लोग नमाज पढ़ सकेंगे, जबकि परिसर में 20,000 और लोगों के बैठने की जगह होगी।
कबीर ने घोषणा की कि मस्जिद का बिस्मिल्लाह छह दिसंबर 2028 को किया जाएगा। उन्होंने छह दिसंबर 2025 को इस परियोजना की आधारशिला रखी थी और फरवरी 2026 में इसका निर्माण कार्य शुरू हो गया, जिससे राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने कहा कि इस मुद्दे पर कबीर का रुख राजनीतिक रूप से भाजपा की मदद कर रहा है। उन्होंने कहा, “यह एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है। उनका (कबीर) रुख धर्म पर केंद्रित है और इससे भाजपा को राजनीतिक लाभ मिल रहा है। किसी संवेदनशील धार्मिक मुद्दे को राजनीति के साथ जोड़ना सही नहीं है।”
भाषा पारुल माधव
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