तिरुचिरापल्ली, चार अगस्त (भाषा) तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को पुलिस द्वारा रिहा किए जाने के बाद आरोप लगाया कि उनके साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार किया गया।
उन्होंने यहां कहा, ‘‘तीन हजार पुलिसकर्मियों के साथ हमें चेन्नई से तंजावुर तक सड़क मार्ग से 400 किलोमीटर ले जाया गया। हमारे साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया।’’
उदयनिधि को अभिनेता तृषा को लेकर ‘‘द्विअर्थी’’ टिप्पणी करने के मामले में मंगलवार को चेन्नई स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था।
उन्हें बाद में तंजावुर ले जाया गया, जहां इस संबंध में मामला दर्ज किया गया। उदयनिधि ने हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में आरोपों को ‘‘झूठा’’ बताया और कहा कि उन्होंने तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर ‘‘एक ही अर्थ’’ वाला बयान दिया था।
उदयनिधि ने कहा, ‘‘मेरे भाषण को काट-छांट कर और कुछ हिस्सों को जोड़कर यह दावा किया गया कि मैंने अनुचित बात कही है। कुछ लोगों ने मुझ पर ‘द्विअर्थी’ बात करने का आरोप लगाया है। मैंने केवल एक ही अर्थ में बात की थी कि किसानों को पानी की जरूरत है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं का अपमान करने का मेरा कोई इरादा नहीं है। तमिलनाडु की हर मां और बहन को मैं अपने परिवार का हिस्सा मानता हूं।’’ उदयनिधि ने इस बात पर निराशा जताई कि कुछ सहयोगी राजनीतिक नेताओं ने भी उनके पूरे भाषण का संदर्भ जाने बिना उनकी आलोचना की।
‘द्विअर्थी टिप्पणी’ करने के आरोप को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए कावेरी का पानी जारी करने की मांग करते समय उन्होंने ‘एक ही अर्थ’ में बात की थी।
उन्होंने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार पर निशाना साधते हुए उसे ‘सर्कस कैंप’ करार दिया और कहा कि वह झूठे मामलों से डरने वाले नहीं हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने उनके साथ एक आतंकवादी जैसा व्यवहार किया और उन्हें सड़क मार्ग से तंजावुर ले जाया गया।
भाषा जितेंद्र देवेंद्र
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