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Tuesday, 4 August, 2026
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36 देशों से 274 भगोड़ों को 2019 से भारत लाया गया, शाह बोले—‘अब अपराधियों के लिए बच निकलना आसान नहीं’

गृह मंत्रालय (MHA) ने मंगलवार को बताया कि 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़ों को भारत वापस लाया गया है. इनमें आतंकवादी, गैंगस्टर, वित्तीय और नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधी, हत्या, बलात्कार और POCSO एक्ट के तहत मामलों में वांछित आरोपी शामिल हैं.

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नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि मोदी सरकार के ‘मजबूत और सुरक्षित भारत’ के विजन के तहत 2019 से अब तक विदेश भागे 274 अपराधियों को भारत वापस लाया गया है. उन्होंने कहा कि UPA सरकार के दौरान हर साल औसतन केवल चार भगोड़ों को भारत लाया जाता था.

गृह मंत्रालय (MHA) ने मंगलवार को बताया कि 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़ों को भारत वापस लाया गया है. इनमें आतंकवादी, गैंगस्टर, वित्तीय और नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधी, हत्या, बलात्कार और POCSO एक्ट के तहत मामलों में वांछित आरोपी शामिल हैं.

शाह ने X पर पोस्ट कर कहा, “मजबूत और सुरक्षित भारत के विजन के तहत मोदी सरकार ने विदेशों में छिपे भगोड़ों पर शिकंजा कसा है. वे चाहे किसी भी देश में भागे हों, राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भारत के नए तरीके ने 2019 से 274 अपराधियों की वापसी सुनिश्चित की है, जबकि UPA सरकार के दौरान यह संख्या हर साल केवल चार थी.”

उन्होंने कहा कि अपराधियों को कानून से बचने से रोकने के लिए सरकार ने नए कानूनों, संस्थानों और वैश्विक साझेदारियों के जरिए व्यवस्था को मजबूत किया है.

शाह ने कहा, “वह दौर चला गया जब अपराधी व्यवस्था की कमियों का फायदा उठाकर आसानी से बच निकलते थे. नए भारत ने नए कानूनों, संस्थानों और वैश्विक साझेदारियों के जरिए पुरानी व्यवस्था की हर कमी को दूर कर एक मजबूत सुरक्षा तंत्र तैयार किया है.”

एक अन्य पोस्ट में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने विदेशों में छिपे भगोड़ों को पकड़ने के लिए इंटेलिजेंस आधारित और टेक्नोलॉजी की मदद से चलने वाले एकीकृत अभियान शुरू किए हैं.

उन्होंने कहा, “मोदी सरकार ने एकीकृत, खुफिया जानकारी पर आधारित और टेक्नोलॉजी से चलने वाले अभियान शुरू किए हैं, जिनके जरिए विदेशों में छिपे भगोड़ों का पीछा किया जा रहा है.”

शाह ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों में आरोपी की गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाने (ट्रायल इन एब्सेंटिया) का प्रावधान न्याय व्यवस्था को मजबूत करता है. इससे फरार अपराधियों के खिलाफ उनकी गैरमौजूदगी में भी कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है.

उन्होंने कहा कि PMLA के सख्त इस्तेमाल से 17,874 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गईं और 18,762 करोड़ रुपये वापस दिलाए गए.

शाह ने आगे कहा कि BHARATPOL जैसे नए सिस्टम ने दुनिया भर में एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया है और इससे विदेशों में छिपे भगोड़ों तक पहुंचना आसान हुआ है.

गृह मंत्रालय ने बताया कि 2019 से 2026 के बीच PMLA के तहत भगोड़े अपराधियों की 17,874 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी जब्त की गईं.

मंत्रालय ने कहा कि भगोड़े आर्थिक अपराधियों से जुड़े मामलों में 18,762 करोड़ रुपये वापस किए गए. साथ ही बताया कि 2022 में 40, 2023 में 100, 2024 में 107, 2025 में 112 और 2026 में अब तक 182 रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा चुके हैं.

मंत्रालय के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों में 501 भगोड़े अपराधियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए हैं.

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