(कोमल पंचमढिया)
मुंबई, 18 अप्रैल (भाषा) ‘पान सिंह तोमर’ फिल्म के निर्देशक तिग्मांशु धूलिया का कहना है कि सत्ता का विरोध करने वालों की कहानियां उन्हें पसंद आती हैं और उनकी फिल्म ऐसे लोगों के जीवन को ही दिखाती हैं।
‘हासिल’, ‘साहेब बीवी और गैंगस्टर’, ‘बुलेट राजा’ और ‘यारा’ जैसी फिल्मों के लिए प्रसिद्ध धूलिया ने कहा कि वह फिर से छात्र राजनीति से संबंधित फिल्म बनाना चाहते हैं।
फिल्म निर्माता ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘अपराध, गैंगस्टर, और प्राधिकार को चुनौती देने वाले किरदार…यह कुछ ऐसा है जो मुझे हमेशा से पसंद रहा है। बचपन में भी मैं सिर्फ एक्शन फिल्म देखा करता था, मुझे ड्रामा से नफरत थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुद यह पसंद नहीं है, मैं सत्ता को चुनौती देना चाहता हूं। इसलिए ऐसे पात्र जो प्रतिष्ठान या प्राधिकार को धता बताते हैं…भले ही वे हिंसक हों, मुझे बचपन से ही दिलचस्प लगते हैं। मैं इसे बदल नहीं सकता और मुझे वो चीजें आज भी पसंद हैं।’’
धूलिया ने ‘शोले’ फिल्म का उदाहरण देते हुए कहा कि 1975 में रमेश सिप्पी की बनी यह फिल्म उन्होंने आठ साल की उम्र में देखी थी, जिसका उनके ऊपर जबरदस्त प्रभाव पड़ा था।
अपनी वेब सीरीज ‘गर्मी’ का जिक्र करते हुए धूलिया ने कहा, ‘‘दुनिया अस्थिर और रोमांचक है…यह एक लड़के के बारे में है और वे सभी 22 या 23 साल के युवा हैं तथा राजनीति उन्हें कैसे प्रभावित करती है। मैं उस क्षेत्र में फिर से जाना चाहता हूं, समाज कैसे बदल गया है। यह (विषय) मेरे बहुत करीब है।’’
निर्देशक ने कहा कि पिछले दो दशकों में छात्र राजनीति की दुनिया बहुत बदल गई है ‘‘क्योंकि समाज काफी बदल गया है।’’
भाषा रंजन रंजन नेत्रपाल
नेत्रपाल
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