मुर्शिदाबाद, 23 अप्रैल (भाषा) आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने उनकी पार्टी के कई उम्मीदवारों को खरीद लिया, जिसके कारण उन्हें कम सीटों पर चुनाव लड़ना पड़ रहा है।
कबीर ने सुबह मतदान के शुरुआती घंटों में अपना वोट डाला। इसके बाद जब वह मुर्शिदाबाद जिले की नौदा विधानसभा क्षेत्र के शिबनगर गांव स्थित एक मतदान केंद्र पहुंचे, तो तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने ‘‘वापस जाओ’’ के नारे लगाकर उनका विरोध किया।
स्थानीय तृणमूल नेताओं के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने कबीर के वाहन को घेर लिया और उन्हें ‘‘भाजपा का एजेंट’’ बताते हुए नारेबाजी की। इस प्रदर्शन से मतदान केंद्र के आसपास तनाव की स्थिति बन गई।
मुर्शिदाबाद के भरतपुर से विधायक कबीर ने अब अपनी अलग पार्टी बना ली है और वह पुन: निर्वाचित होने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें पिछले वर्ष दिसंबर में बाबरी जैसी मस्जिद के निर्माण का प्रस्ताव रखने के बाद तृणमूल से निलंबित कर दिया गया था।
एजेयूपी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने उनके एक बूथ स्तर के अध्यक्ष से उसके घर पर मारपीट की।
अधिकारियों ने बताया कि मौके पर तैनात केंद्रीय बलों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में किया।
इससे पहले सुबह कबीर ने तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी पर हिंदुओं के बड़े पैमाने पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘ममता बनर्जी ने बंगाल की विभिन्न सीटों से हमारे 27 उम्मीदवारों को नौ लाख रुपये से लेकर 30 लाख रुपये तक देकर खरीद लिया है। मैंने 142 उम्मीदवारों के साथ शुरुआत की थी और अब 115 सीटों पर चुनाव लड़ रहा हूं।’’
एजेयूपी उम्मीदवार ने दावा किया कि बनर्जी को राज्य के मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन की जरूरत नहीं है क्योंकि ‘‘उन्होंने मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने के लिए मंदिर निर्माण और हिंदू धार्मिक नेताओं को अनुदान देने में काफी पैसा खर्च किया है।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर कबीर ने कहा, ‘‘चार मई को नतीजे आने के बाद आप पाएंगे कि अमित शाह अब राज्य का दौरा नहीं करेंगे।’’
भाषा गोला मनीषा
मनीषा
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