गुरुग्राम, दो नवंबर (भाषा) प्रदूषण के बढ़ने के बीच सड़क साफ करने वाली मशीनों के बेकार पड़े होने की खबरों के सामने आने के बाद गुरुग्राम नगर निगम (एमसीजी) ने मशीनों के प्रबंधन में गंभीर लापरवाही बरतने के लिए कार्यकारी अभियंता सुंदर श्योराण के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने की सिफारिश की है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के महानिदेशक को लिखे एक पत्र में, एमसीजी आयुक्त प्रदीप दहिया ने यांत्रिक सड़क सफाई मशीनों (एमआरएसएम) से जुड़ी गंभीर खामियों के मामले में सुंदर श्योराण के खिलाफ हरियाणा लोक सेवा (दंड और अपील) नियम, 2016 के नियम 7 के तहत आरोप-पत्र जारी करने की अनुमति मांगी है।
यह पत्र 30 अक्टूबर को लिखा गया था, जिसमें एक जांच रिपोर्ट का जिक्र है, जिसमें एमसीजी में कार्यकारी अभियंता के पद पर सुंदर श्योराण के कार्यकाल के दौरान एमआरएसएम के प्रबंधन और हस्तांतरण की जांच की गई है।
यह जांच एमसीजी के अतिरिक्त आयुक्त यश जालुका को सौंपी गई थी और 27 अक्टूबर 2026 को की गई थी। जांच के निष्कर्ष 28 अक्टूबर 2026 को एमसीजी कार्यालय में सौंप दिए गए थे।
इस जांच में संबंधित कार्यकारी अभियंता और ठेका एजेंसी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
एमसीजी ने एमआरएसएम के संचालन और रखरखाव के लिए छह-छह महीने के दो अनुबंध दिए थे। 20 मशीनों के लिए कार्य आदेश 26 सितंबर 2026 को जारी किया गया था, जो एक अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ; जबकि 5 मशीनों के लिए कार्य आदेश 12 अगस्त 2026 को जारी किया गया था, जिसकी शुरुआत 22 अगस्त 2026 से हुई।
संबंधित अवधि के दौरान श्योराण ही जिम्मेदार अभियंता थे।
जांच में सुंदर श्योराण की ओर से कई कमियां सामने आईं, जिनमें हस्तांतरण प्रक्रिया के दौरान मशीनों और उनके पुर्जों का उचित सत्यापन न करना भी शामिल है।
मशीनों की स्थिति के संबंध में कोई उचित लिखित रिकॉर्ड या प्रमाण-पत्र नहीं थे, जो उनके हस्तांतरण का आधार बन सकें।
भाषा प्रशांत दिलीप
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