चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में नशे की समस्या को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पलटवार किया है. मान ने दावा किया कि पंजाब में सबसे बड़े नशा तस्कर गिरोह पिछली शिरोमणि अकाली दल (एसएडी)-बीजेपी गठबंधन सरकार के दौरान बने थे. उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात के बंदरगाहों पर बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की खेप पहुंचने के कारण अब गुजरात देश में नशीले पदार्थों का सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है.
चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर निशाना साधा और पिछली राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में कई बड़े मंत्रियों पर गंभीर आरोप लगे थे.
मान ने कहा, “सबसे बड़े नशा तस्कर गिरोह उनके कार्यकाल में बने थे. 2007 से 2017 के बीच, जब अकाली दल-बीजेपी की सरकार थी, तब बड़े तस्करों ने कई बड़े मंत्रियों के नाम लिए थे. ये वही लोग हैं, जिनके साथ अब कथित तौर पर सौदे किए जा रहे हैं.”
समुद्री रास्तों से होने वाले व्यापार का जिक्र करते हुए मान ने गुजरात में नशीले पदार्थों की बड़ी खेप पकड़े जाने के मामलों पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि बंदरगाहों पर कड़ी सुरक्षा जांच होने के बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ वहां से कैसे निकल जाते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा, “गुजरात से नशीले पदार्थ आ रहे हैं. अधिकारियों ने खुद माना है कि 20,000 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं. ड्रोन पाकिस्तान से सीमा पार कर सकते हैं, लेकिन बंदरगाहों का क्या? वहां से ये कैसे निकल जाते हैं? बंदरगाहों पर सीमा शुल्क की उचित प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था होती है.”
मान ने आगे कहा, “अगर इन बंदरगाहों पर 3,000 किलोग्राम की खेप पहुंच रही है, तो इसका मतलब है कि हमारे देश के लिहाज से गुजरात नशीले पदार्थों का सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है.”
मान का यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब में नशे की समस्या पर चिंता जताने और सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए प्रशासनिक कदम और मजबूत करने की जरूरत बताने के बाद आया है.