पणजी, आठ नवंबर (भाषा) गोवा के दक्षिण गोवा जिले में स्थित पालोलेम समुद्र तट को ‘बीच डॉट कॉम’ के वैश्विक सूचकांक में एशिया का सर्वश्रेष्ठ समुद्र तट चुना गया है और इसे दुनिया के शीर्ष 25 समुद्र तटों में छठा स्थान मिला है। राज्य के पर्यटन विभाग ने रविवार को यह जानकारी दी।
विभाग ने बताया कि दुनिया के शीर्ष 25 समुद्र तटों की इस सूची में जगह बनाने वाला पालोलेम एशिया का एकमात्र समुद्र तट है। इस उपलब्धि से गोवा के समुद्र तटों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
काणकोण तालुका में स्थित पालोलेम समुद्र तट अर्धचंद्राकार खाड़ी, सफेद रेत, ताड़ के पेड़ों और अपेक्षाकृत शांत समुद्री पानी के लिए जाना जाता है।
‘बीच डॉट कॉम’ के ‘वैश्विक समुद्री तट सूचकांक 2026’ में विशेषज्ञों की सिफारिशों, पर्यटकों की समीक्षाओं, समुद्री पानी के रंग और स्वच्छता के संबंध में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा’ के आंकड़ों तथा 18 निर्धारित मानकों के आधार पर समुद्र तटों का आकलन किया गया। इन मानकों में लोकप्रियता, लोगों की राय, पहुंच की सुविधा और जलवायु जैसे पहलू शामिल थे।
पर्यटन विभाग के अनुसार, पालोलेम को समुद्र तट की गुणवत्ता, उपलब्ध सुविधाओं, पानी की गुणवत्ता और पर्यटकों के समग्र अनुभव के आधार पर यह स्थान मिला है।
गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन ए. खाउंटे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान गोवा के समुद्र तटों की प्राकृतिक सुंदरता और उन अनूठे अनुभवों को दर्शाती है, जो दुनियाभर के पर्यटकों को यहां आकर्षित करते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के बजाय ऐसे पर्यटन को बढ़ावा देने पर ध्यान दे रही है, जिससे पर्यावरण, स्थानीय समुदायों और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होने के साथ-साथ उनकी स्थिति में भी सुधार हो।
पर्यटन निदेशक केदार नाइक ने कहा कि यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में गोवा की स्थिति को मजबूत करती है और यह दक्षिण गोवा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेगी तथा इससे पर्यटकों को राज्य के समुद्र तटों, भीतरी इलाकों और सांस्कृतिक विरासत को जानने के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा।
विभाग ने बताया कि पालोलेम समुद्र तट पर पर्यटक तैराकी, कयाकिंग (छोटी नाव चलाने), डॉल्फिन देखने के लिए नौका विहार और आसपास के बैकवाटर की सैर जैसी गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। इसने कहा कि इसके आसपास स्थित तटीय गांव, खानपान की दुकानें और स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती से जुड़ी सुविधाएं भी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
विभाग ने कहा कि यह उपलब्धि ऐसे समय में मिली है, जब गोवा खुद को सालभर घूमने योग्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रहा है। इसके तहत राज्य के भीतरी इलाकों में पर्यटन, विरासत स्थलों की सैर, स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती, स्थानीय खानपान, आध्यात्मिकता और प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
भाषा सिम्मी नेत्रपाल
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