वाराणसी, 26 अक्टूबर (भाषा) बेटियों को नौकरी के लिए घर से बाहर भेजने से पहले परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। वाराणसी की एक महिला कर्मचारी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बातचीत के दौरान बताया कि अब उसके गांव में यह चिंता कम होने लगी है और परिवार बेटियों को नौकरी के लिए बाहर भेजने को तैयार हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘‘तो योगी जी को थैंक्यू बोलो।’’
प्रधानमंत्री ने रविवार को वाराणसी के खोचवां स्थित अरविंद टेक्सटाइल मिल के लोकार्पण के दौरान वहां काम करने वाली 300 महिला कर्मचारियों से संवाद किया। अरविंद मिल के जनसंपर्क अधिकारी स्वागत ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान एक महिला कर्मचारी ने प्रधानमंत्री से कहा कि कंपनी खुलने से गांव की महिलाओं और बेटियों में जागरूकता बढ़ी है और यहां सुरक्षा की अच्छी व्यवस्था है। इस पर प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि तब वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दें।
जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, महिला कर्मचारी का नाम खुशबू कुमारी है और वह वाराणसी की रहने वाली हैं।
खुशबू कुमारी ने प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘जब से कंपनी खुली है, गांव के लोग भी जागरूक हुए हैं। अब वे अपनी बेटियों को घर से बाहर निकलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।’’
खुशबू ने कहा कि कंपनी खुलने से उन्हें भी घर से बाहर निकलकर काम करने का अवसर मिला है। महिला ने मिल में सुरक्षा की व्यवस्था को भी अच्छा बताया। इस पर प्रधानमंत्री ने उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देने के लिए कहा।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान मिल में काम करने वाली महिला कर्मचारियों से उनके कामकाज के अनुभव और कंपनी में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। महिलाओं ने प्रधानमंत्री से सीधे बातचीत करने को अपने लिए यादगार पल बताया।
महिलाओं ने कहा कि यहां काम करने से वे आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और उन्हें नए अनुभव भी मिल रहे हैं।
वाराणसी की पूजा देवी, प्रयागराज की संध्या देवी, सुल्तानपुर की सविता दुबे, मिर्जापुर की उषा देवी और वाराणसी की रेखा विश्वकर्मा सहित अन्य महिलाओं ने प्रधानमंत्री से मुलाकात पर खुशी जताई।
अरविंद लिमिटेड के उपाध्यक्ष पुनीत लालभाई ने कहा कि वाराणसी की यह इकाई स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के साथ आपूर्ति श्रृंखला, परिवहन और अन्य सेवाओं से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी। इससे स्थानीय युवाओं को अपने गृह क्षेत्र के आसपास रोजगार के अवसर मिलेंगे।
भाषा
सं, जफर रवि कांत
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